लूणी नदी की रपट पार करने के दौरान बाइक सवार महिला-पुरुष नदी में बह गए। सिविल डिफेंस और स्थानीय तैराकों की टीम ने दोनों को बाहर निकाला। तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना बालोतरा जिले के जसोल थाना क्षेत्र का है। बालोतरा एसडीएम अशोक कुमार ने बताया-शनिवार सुबह 11:45 पर बाइक सवार महिला और पुरुष बालोतरा से जसोल की ओर जा रहे थे। इस दौरान बालोतरा शहर के चतुर्थ रेलवे क्रॉसिंग के पास लूणी नदी की रपट को बाइक से पार करने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान बहाव तेज होने की वजह से दोनों पानी में बह गए। 20 मिनट में किया नदी से निकाले शव
आसपास के लोगों ने पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम को सूचना दी। 20 मिनट में सिविल डिफेंस और स्थानीय तैराक मौके पर पहुंचे। 20 मिनट में दोनों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला और बालतोरा के जिला अस्पताल में पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर बालोतरा एसडीएम अशोक कुमार और डीएसपी सुशील मान सहित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। मृतकों की पहचान में जुटी पुलिस
डीएसपी सुशील मान ने बताया कि अभी तक मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है। बाइक नंबर और अन्य तकनीकी संसाधनों की मदद से पहचान की जा रही है। स्थानीय लोगों बोले-सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं
वहीं स्थानीय निवासियों ने प्रशासन पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बार-बार ऐसी घटनाएं होने के बावजूद रपट पर ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं की जा रही है, जिससे लोगों की जान को खतरा बना रहता है। बता दें कि 28 अगस्त को इसी जगह पर जीप सवार 6 लोग बह गए थे। जिसमें एक 8 महीने का बच्चा भी शामिल था। एक महीने बाद भी बच्चे का शव बरामद नहीं हो सकता है। यह भी पढ़े लूणी नदी में श्रद्धालुओं से भरी बोलेरो बही:3 लोगों की मौत, 8 माह का बच्चा समेत 3 लापता; SDRF और ड्रोन से सर्च ऑपरेशन जारी बालोतरा में जसोल बाईपास पर बुधवार दोपहर लूणी नदी का तेज बहाव में बोलेरो बह गई थी। कार में सवार सभी लोग जसोल मंदिर जा रहे थे। हादसे में अब तक 3 लोगों (मां और दो बेटी) की मौत हो चुकी है, जबकि 8 माह का बच्चा, एक बुजुर्ग महिला और मंदिर का पुजारी अभी भी लापता हैं। बोलेरो में कुल 8 लोग सवार थे, जिनमें से दो घायल हैं और राजकीय नाहटा अस्पताल में इलाज चल रहा है। (यहां पढ़ें पूरी खबर)


