बालोद में प्रशासन का फरमान:सड़क पर मिले मवेशी तो मालिक पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत दर्ज होगा केस, दो महीने का प्रतिबंध लागू

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में मवेशी पालकों के लिए प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। गुरुवार को जारी आदेश के अनुसार, यदि कोई मवेशी सड़क या सार्वजनिक स्थान पर बैठे या घूमते हुए पाया गया तो उसके मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश दो महीने तक प्रभावी रहेगा। अनुविभागीय दण्डाधिकारियों द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अब कोई भी पशु मालिक अपने मवेशियों को खुला नहीं छोड़ेगा। यदि मवेशी खुले में पाए गए तो संबंधित मालिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 291 और पशु क्रूरता अधिनियम 1960 की धारा 11(1) के तहत सजा और जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। खुले में मवेशी छोड़े तो मालिक पर कार्रवाई प्रशासन ने आदेश जारी कर कहा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्यीय मार्ग और स्थानीय सड़कों पर मवेशियों की उपस्थिति से लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। इससे न केवल मानव और पशु जीवन को खतरा है बल्कि एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं में भी बाधा उत्पन्न हो रही है। वहीं सार्वजनिक स्थानों पर मवेशियों की मौजूदगी को लेकर डब्ल्यूपी (पीआईएल) 58/2019 के तहत हाईकोर्ट ने भी राज्य शासन से जवाब मांगा है। 31 जुलाई से दो माह तक लागू रहेगा आदेश अनुविभागीय अधिकारियों ने इस स्थिति को जनहित, कानून व्यवस्था और जीवन रक्षा का विषय मानते हुए यह आदेश 31 जुलाई 2025 से दो माह के लिए लागू किया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी पशु मालिक अपने मवेशियों को बांधकर रखें। यदि कोई मवेशी खुले में पाया गया तो उसके मालिक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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