भास्कर न्यूज | लुधियाना जिले में बाल भिक्षावृत्ति और बच्चों के शोषण पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की ओर से प्रोजेक्ट जीवनजोत 2.0 के तहत विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान शहर के विभिन्न इलाकों से भिक्षा मांगते हुए 14 बच्चों को रेस्क्यू किया गया। डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन अफसर रश्मि ने बताया कि जिला टास्क फोर्स के सहयोग से संभावित भिक्षावृत्ति वाले क्षेत्रों में चेकिंग की गई। इस दौरान दुर्गा माता मंदिर, बीआरएस नगर, भाईवाला चौक, भारत नगर चौक, विश्वकर्मा चौक और चीमा चौक सहित कई स्थानों को कवर किया गया। चेकिंग के दौरान 14 बच्चे भिक्षा मांगते पाए गए, जिन्हें सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया गया। उन्होंने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को भिक्षावृत्ति की प्रथा से बाहर निकालकर उनके अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें सुरक्षित व बेहतर भविष्य देना है। रेस्क्यू के बाद बच्चों की काउंसलिंग की गई और उनकी स्थिति के अनुसार आगे की देखभाल और सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट जीवनजोत 2.0 के तहत इस तरह की चेकिंग और जागरूकता मुहिम आगे भी लगातार जारी रहेगी, ताकि जिले को बाल भिक्षावृत्ति मुक्त बनाया जा सके। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि यदि कहीं बच्चों को भिक्षा मांगते या शोषण का शिकार होते देखें तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या संबंधित नंबरों पर सूचना दें।


