केंद्र सरकार ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान को सशक्त बनाने के लिए 100 दिवसीय विशेष अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान गुरुवार को दिल्ली से शपथ ग्रहण समारोह के साथ शुरू हुआ। महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने इस अवसर पर बाल विवाह न होने देने की शपथ दिलाई। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह से होने वाले नुकसान को रोकना है। इसके तहत बच्चों को यौन शोषण और दुर्व्यवहार से बचाने, पॉक्सो अधिनियम 2012 के प्रति जागरूकता बढ़ाने, बालिका शिक्षा और पोषण को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही, मातृ मृत्यु दर में कमी लाने और लैंगिक असमानता को दूर करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी सुभाष जैन के निर्देश पर धार जिले में भी 100 दिवसीय विशेष जनजागरूकता अभियान शुरू किया गया है। हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमन और 16 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन अभियान के तहत, वन स्टॉप सेंटर धार ने विक्रम नगर आंगनवाड़ी केंद्र में लिंग-आधारित हिंसा पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में बताया गया कि महिला हिंसा अधिनियम 2005 के अंतर्गत महिला ऊर्जा हेल्प डेस्क और महिला थाना महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने, शिकायतें दर्ज करने और उन पर त्वरित कार्रवाई करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। जिला विधिक सहायता प्राधिकरण पीड़ित महिलाओं को निशुल्क कानूनी सहायता और अदालती मामलों में सहयोग प्रदान करता है। वन स्टॉप सेंटर धार के माध्यम से, पीड़ित महिलाओं को पुलिस सहायता, आश्रय, आपातकालीन सहायता, परामर्श, स्वास्थ्य सेवा और कानूनी सहायता जैसी सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके अतिरिक्त, महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस हेल्पलाइन 112 और साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में भी जानकारी दी गई। इन हेल्पलाइन नंबरों का उद्देश्य किसी भी प्रकार की हिंसा या साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल सहायता सुनिश्चित करना है।


