शाजापुर में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत एक जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सोमवार दोपहर करीब 1 बजे भाजपा विधायक कार्यालय से भाजपा मंडल अध्यक्षों ने इस रथ का शुभारंभ किया। इसका मुख्य उद्देश्य आमजन को बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई के प्रति जागरूक करना और इसे पूरी तरह समाप्त करने का संदेश देना है। 21 से कम उम्र में विवाह कानूनन अपराध बताया विदिशा सोशल वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन, जिला शाजापुर के बैनर तले लोगों को बाल विवाह के कानूनी पहलुओं के बारे में बताया गया। जागरूकता संदेश में स्पष्ट किया गया कि 21 वर्ष से कम आयु के लड़के और 18 वर्ष से कम आयु की लड़की का विवाह करना कानूनन अपराध है। बाल विवाह करवाने वाले माता-पिता और अन्य सहयोगियों को दो वर्ष तक की सजा या जुर्माना, अथवा दोनों हो सकते हैं। बाल विवाह रोकने में नागरिक सहयोग की अपील इसके अलावा, बाल विवाह कराने वाले पंडित, मौलवी, पादरी, और सेवा देने वाले नाई, हलवाई, बैंड एवं टेंट संचालकों को भी दो वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। बाल विवाह में शामिल होने वाले व्यक्तियों के लिए भी कठोर दंड का प्रावधान है। रथ के जरिए नागरिकों से अपील की गई कि वे बाल विवाह की सूचना पुलिस हेल्पलाइन 112 या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर देकर बच्चों को उनके अधिकार दिलाने में सहयोग करें।


