भास्कर न्यूज| चाईबासा चाईबासा के विकास दोदराजका बाल अधिकारों की रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य व उनके संरक्षण के लिए उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं। उनके योगदान को देखते हुए इन्हें झारखंड राज्य बाल संरक्षण आयोग में सदस्य के रूप में पदस्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि रोट्रैक्ट क्लब के कन्हैया लाल अग्रवाल के द्वारा दिया गया सुझाव व पिताजी से मिली स्वीकृति व प्रोत्साहन के बाद मैंने रोट्रैक्ट क्लब की सदस्यता ग्रहण कर समाजसेवा के क्षेत्र में कार्य करना प्रारंभ किया था। साल 2005 में रोट्रैक्ट क्लब में अध्यक्ष पद की अहम जिम्मेदारी मिली। यह समय मेरे जीवन का टर्निंग पॉइंट रहा। इस वर्ष चाईबासा के बाल-सुधार गृह जाने का अवसर मिला और यही से जीवन में बच्चों के लिए कुछ विशेष करने के लिए प्रेरित हुआ। तत्कालीन जिला व सत्र न्यायाधीश डीजीआर पटनायक को अपने दिल की बात से अवगत कराया। वे मेरी बातों को सुनकर प्रभावित हुए और उसके बाद मुझे जिला विधिक सेवा प्राधिकार का हिस्सा बना दिया। बाल संरक्षण समिति के तत्वावधान में बाल संरक्षण के लिए काम करना शुरू कर दिया। गुमशुदा व बाल तस्करी के शिकार बच्चों के पुनर्वास के लिए विशेष आवासीय विद्यालय दोदराजका की देन है। दो बाल सुधार गृह पश्चिमी सिंहभूम में खुलवाए, ताकि बालक और बालिका अलग-अलग रह सकें। मालूम हो कि बाल संरक्षण और कल्याण के मुद्दों पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को इन मुद्दों पर शिक्षित किया है। उनके कार्यों से कई बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए कई मंचों से सम्मानित भी किया गया है।


