जामताड़ा जिले के कुंडहित प्रखंड स्थित सिंहवाहिनी मंदिर में मंगलवार को बासंती पूजा का भव्य आयोजन हुआ। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के वर्द्धमान से आई मां सरस्वती महिला ढाकी दल ने अपनी प्रस्तुति से समां बांध दिया। शीला नदी से शुरू हुई कलश यात्रा में 551 कन्याओं ने हिस्सा लिया। कन्याओं ने कलश में जल भरकर तीन किलोमीटर लंबी यात्रा की। गाजे-बाजे के साथ निकली यह शोभायात्रा कुंडहित बाजार से होते हुए मंदिर तक पहुंची। जय माता दी जागरण और हरिनाम संकीर्तन का आयोजन मंदिर में विधिवत कलश स्थापना के साथ पांच दिवसीय बासंती पूजा उत्सव का शुभारंभ हुआ। मंदिर परिसर में जय माता दी जागरण और हरिनाम संकीर्तन का आयोजन किया गया। रात्रि में भक्ति गीत और जागरण कार्यक्रम में दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचे। सिंहवाहिनी मंदिर की ख्याति झारखंड के साथ-साथ पश्चिम बंगाल और बिहार में भी है। यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा के लिए आते हैं। इस वर्ष चैती दुर्गा पूजा का आयोजन भी भव्य रूप से किया जाएगा। इस आयोजन ने पूरे कुंडहित क्षेत्र में आस्था और उत्साह का माहौल बना दिया है।


