राजसमंद के सांगठकला स्थित हरिपायरा भेरूजी मंदिर प्रांगण में संघ शताब्दी वर्ष के अवसर पर विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में पंच परिवर्तन विषय पर मंथन करते हुए गौसेवा और सामाजिक एकता का सामूहिक संकल्प लिया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा- भारत की भूमि देवताओं ने निर्मित की है। बाहरी आक्रमणों के बावजूद भी हिंदुओं ने अपना अस्तित्व बनाए रखा। भारत की भूमि देवताओं की बनाई सम्मेलन को संबोधित करते हुए महंत ज्ञानानंद ने कहा कि भारत की भूमि देवताओं द्वारा निर्मित मानी जाती है और यहां का सनातन धर्म शाश्वत है। भारत आध्यात्म, समृद्धि और ज्ञान-विज्ञान के कारण विश्व में विशेष पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि निरंतर साधना और संस्कारों से ही राष्ट्र का गौरव बना रहता है। हिंदू समाज ने अस्तित्व बनाए रखा मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक महिपाल सिंह ने कहा कि अनेक आक्रमणों के बावजूद हिन्दू समाज ने अपने अस्तित्व को बनाए रखा। उन्होंने बताया कि समाज को संगठित करने के उद्देश्य से डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने संघ की स्थापना की थी। सम्मेलन से पूर्व 501 मंगल कलश के साथ दो किलोमीटर लंबी शोभायात्रा निकाली गई। अंत में धर्मानुसार आचरण, गौसेवा और सामाजिक एकता का संकल्प दिलाया गया तथा भारत माता की सामूहिक आरती की गई।


