बिजनेसमैन दादा को पोते ने 70 बार चाकू मारा:हैदराबाद में प्रॉपर्टी विवाद में हत्या की, अमेरिका से पढ़कर लौटा था

हैदराबाद में 86 साल के बिजनेसमैन की उसके पोते ने 6 फरवरी को हत्या कर दी। बिजनेसमैन वेलामती चंद्रशेखर 500 करोड़ के मालिक थे। पोते कीर्ति तेजा ने वेलामती पर चाकू से 70 से ज्यादा वार किए। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और बताया कि हत्या की वजह प्रॉपर्टी विवाद है। आरोपी ने अपनी मां पर भी हमला किया पुलिस ने बताया कि तेजा अपनी मां सरोजनी देवी के साथ सोमाजीगुडा स्थित वेलमाती के घर पहुंचा। जब सरोजनी देवी किचन में कॉफी लेने गईं, तो तेजा और राव के बीच प्रॉपर्टी के बंटवारे को लेकर बहस शुरू हो गई। गुस्से में आकर तेजा ने चाकू निकाला और राव पर ताबड़तोड़ वार कर दिए । मां सरोजनी देवी ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो तेजा ने उन पर भी हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। पुलिस ने आरोपी तेजा को 7 फरवरी को गिरफ्तार किया। पीड़ित के घर के पास ही पंजगुट्टा फ्लाईओवर के पास यह गिरफ्तारी हुई। अमेरिका से पढ़ाई करके लौटा था तेजा तेजा हाल ही में अमेरिका से मास्टर डिग्री पूरी करके हैदराबाद लौटा था। वह लैंको हिल्स स्थित एक गेटेड कम्युनिटी में अपनी मां के साथ रहता था। तेजा ने पुलिस को बताया कि दादा बचपन से ही उसके प्रति भेदभावपूर्ण व्यवहार करते थे और संपत्ति के बंटवारे में उसे हिस्सा नहीं दे रहे थे। वेलजन ग्रुप के मालिक थे वेलमाती वेलमाती वेलजन ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के मालिक थे। इसकी स्थापना 1965 में में की थी। यह कंपनी शिप प्रोडक्शन और उससे जुड़े सभी काम करती है। राव की गिनती हैदाराबाद के प्रमुख दान दाताओं में होती थी। उन्होंने एलुरु सरकारी अस्पताल में कैंसर और कार्डियोलॉजी केंद्र स्थापित करने के लिए 40 करोड़ रुपए दान किए थे। एलुरु में सर सीआर रेड्डी कॉलेज को 2 करोड़ रुपए दिए थे। इसके अलावा उन्होंने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को 40 करोड़ रुपए दान किए थे। ——————————— क्राइम से जुड़ी यह खबरें भी पढ़ें… श्रद्धा वालकर के पिता की हार्ट अटैक से मौत:बेटी का अंतिम संस्कार नहीं कर पाए, क्योंकि केस के चलते अस्थियां नहीं मिली थीं तीन साल पुराने श्रद्धा वालकर हत्याकांड का फैसला अभी तक नहीं आया, लेकिन श्रद्धा के पिता विकास वालकर का रविवार को हार्ट अटैक से निधन हो गया। विकास अपनी बेटी का केस लड़ रहे थे। उन्हें बेटी की अस्थियों का इंतजार था ताकि उसका अंतिम संस्कार कर पाते। मगर श्रद्धा की हड्डियां केस प्रॉपर्टी (सबूत के तौर पर रखी गईं) बन चुकी थी। पढ़ें पूरी खबर……

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