बिजली चाहिए 20 मेगावाट, मिल रही 8 से 10, बढ़ गया पावर कट

भास्कर न्यूज | सिमडेगा प्रचंड गर्मी से लोग बेहाल होने लगे हैं। घर से लेकर कार्यालय, मॉल व बड़े बड़े प्रतिष्ठानों में एसी,बड़े कूलर,पंखा चलाकर लोग गर्मी से बचाव करते दिख रहे हैं। तापमान बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग भी करीब डेढ़ गुना बढ़ गई है। बताया गया कि सिमडेगा पावर सब स्टेशन में पिक आवर में 18 से 20 मेगावॉट बिजली की आवश्यकता है, लेकिन 8 से 10 मेगावाट कम बिजली मिल रही है, ऐसे में लोड शेडिंग कर एक एक सभी फीडर में बिजली आपूर्ति की जा रही है। कम बिजली ऐसे में दिन व रात में हो रही अघोषित बिजली कटौती लोगों को परेशान कर रहा है। आमतौर पर मई, जून, जुलाई में बिजली की मांग अधिक हो जाती है। शहर से लेकर कस्बा व ग्रामीण क्षेत्र में दिन हो रात बिजली की आवाजाही परेशानी बनी हुई है। रात में बिजली आपूर्ति के समय में भी बार बार बिजली की आंख मिचौली लगी रहती है। भीषण गर्मी में लोग बाहर निकलने के बजाय घरों में रहना पसंद करते हैं, क्योंकि बाहर लोगों को गर्मी, तेज धूप व गर्म हवाओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन घर में रहने के दौरान बिजली न मिलने से भी समस्याएं होती है। हल्की हवा चलने पर कई घंटे बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। शहर के मुकेश कुमार ने कहा कि शहर में दिन में दो से तीन घंटे बिजली कटौती की जाती है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र में रोजाना पांच से छह घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। बिजली कटौती होने से लोग काफी परेशान है। अरुण प्रसाद का कहना था कि गर्मी आते ही बिजली विभाग की मनमानी भी शुरू हो गई है। बिजली कटौती बड़ी समस्या बढ़ती जा रही है। गर्मी के महीनों में बिजली खपत अधिक बढ़ जाती है। बिजली का अधिक उपयोग करने पर बिजली का बिल भी अधिक आता है। जबकि इस पर रोक लगाने की आवश्यकता है। कम मिल रही बिजली, एडजस्टमेंट कर रहा विभाग बिजली विभाग के सहायक अभियंता अरुण तिग्गा ने कहा कि कम बिजली मिलने के बावजूद सभी फीडर का ख्याल रखते हुए लोड शेडिंग कर बिजली आपूर्ति बहाल की जाती है।

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