छत्तीसगढ़ में बिजली की दरों में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। बिजली की कीमतों में वृद्धि और अव्यवस्था के खिलाफ बिलासपुर में 18 जुलाई को बिजली ऑफिस का घेराव किया जाएगा। जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष विजय पांडेय ने कहा कि भाजपा सरकार जनविरोधी फैसले ले रही है। अपने डेढ़ साल के कार्यकाल में चार बार बिजली की दरें बढ़ा चुकी है। जबकि, कांग्रेस बिजली बिल हाफ योजना के तहत लोगों को सब्सिडी दे रही थी। कांग्रेस भवन में मीडिया से बातचीत में शहर अध्यक्ष विजय पांडेय और ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि, भाजपा की सरकार ने अपने डेढ़ साल के कार्यकाल में बिजली दर बढ़ाने का इतिहास रचा है। छत्तीसगढ़ को लूटने की संगठित योजना बना कर सरकार काम कर रही है। कोल आवंटन के नाम पर जंगलों की अंधाधुंध कटाई हो रही है। जिसका दुष्परिणाम गरीब जनता भोगने के लिए मजबूर है। राज्य की जनता से लूट कांग्रेस ने कहा कि, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने “बिजली बिल हाफ” योजना के तहत लोगों को सब्सिडी दी थी, जिसे भाजपा सरकार ने साजिश के तहत खत्म कर दिया। राज्य के संसाधन होते हुए भी महंगी बिजली बेची जा रही है। जिसका खामियाजा यहां के गरीब लोगों को भुगतना पड़ रहा है। केंद्र के इशारे पर काम करने का आरोप कांग्रेस ने कहा कि, भाजपा सरकार दोहरा मापदंड अपना कर काम कर रही है। बिजली सरप्लस राज्य में बिजली की कीमत में मनमानी बढ़ोतरी। आदिवासी सीएम होते हुए भी सरकार छत्तीसगढ़ की अस्मिता को बचाने में नाकामयाब साबित हो रही है। वहीं, जनता विरोधी सारे फैसले केंद्र सरकार के इशारे पर ले रही है। स्मार्ट मीटर योजना को भी कांग्रेस ने जनता की जेब पर हमला बताया। कांग्रेस ने बिजली दर में बढ़ोत्तरी को गरीब जनता, किसान और छोटे व्यापारियों के साथ अन्याय बताया है। जिसके विरोध में 18 जुलाई को तिफरा कार्यालय का घेराव कर अपनी आवाज बुलंद करेगी।


