बिजली निगम पेंशनर को नहीं मिली राहत, अधिकारियों ने पल्ले झाड़े

चित्तौड़गढ़| जहां एक ओर राज्य सरकार ने निर्देशित किया है कि पेन्शनर्स के प्रकरण एक माह में निस्तारित करें वहीं बिजली निगम में एक पेन्शनर आर सी शर्मा एक वर्ष से अपनी पेन्शन संशोधित करने का निवेदन लंबित है। विद्युत पेंशनर समिति ने इस प्रकरण को लगातार अधिकारियों को प्रेषित किया गया। नियमानुसार कर्मचारी जिस दिन सेवानिवृत होता है उस वक्त मूल वेतन से पेन्शन जारी की जाती है। परन्तु ऐसा इनके प्रकरण में नहीं किया गया। उनका मूल वेतन 1,26,800 रूपए था। जिसके अनुसार उनकी पेन्शन 63,400 स्वीकृत की जानी चाहिए थी। परन्तु उनकी पेंशन 60350 स्वीकृत की गईं। राज्य सरकार के पेन्शन सेवा नियम 1996 एवं विद्युत मंडल के पेंशन सेवा नियम 1988 जो दोनों बिजली निगम पर लागू है, के अनुसार भी उपरोक्त वेतन को मानते हुए स्वीकृति जारी की जानी चाहिए। समिति ने इस क्रम में अजमेर के निदेशक से बात की तो उनके द्वारा निर्देशित किया कि हम सचिव प्रशासन से बात करें। सचिव प्रशासन ने निर्णय के बजाय अपने निजी सचिव से बात करने के निर्देश दिए। इससे ऐसा लगा कि निगम के अधिकारियों ने निर्णय करने से पल्ले झाड़ लिए एवं मातहतों के अधीन कर दिया। समिति ने एक पत्र मेल से अध्यक्ष डिस्कॉम जयपुर को प्रेषित कर निवेदन किया कि अजमेर निगम के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करे। प्रकरण को संशोधित कराने का आग्रह किया है।

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