भास्कर न्यूज | अमृतसर लारेंस रोड बिजली पहलवान मंदिर में चल रही शिव महापुराण की कथा 9वें दिन सम्पन्न हो गई। मां चिंतपूर्णी संस्था और संगत के सहयोग से दोपहर 3 से 6 बजे तक चली कथा में भगवान शिव का रूप धारण कर कलाकारों ने तांडव किया, जिसमें वृंदावन धाम से ब्यास गद्दी पर विराजमान शुभम तिवारी ने कथा करते कहा कि जहां शिव महापुराण की कथा होती है। वहां शिव का कैलाश और पृथ्वी के द्वादश ज्योतिर्लिंग आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि संत का काम परमात्मा के मंदिर तक पहुंचाना है। दुख में कर्म ही साथ देता है। विपरीत परिस्थितियों में कर्म ही साथ देता है। शिव को अगर जल चढ़ा रहे हो तो कल्याण अवश्य होगा। उन्होंने कहा कि शिव महापुराण की कथा में पद, प्रतिष्ठा, कुर्सी को घर छोड़कर आना चाहिए। वहीं कथा में पद का अभिमान नहीं होना चाहिए। पंडाल में जहां स्थल मिले वहीं बैठ जाना चाहिए। मां चिंतपूर्णी संस्था के सदस्यों ने कथा शुरू होने से पहले कथा सुनने आए श्रद्धालुओं के माथे पर तिलक लगाए। तिवारी महाराज ने भगवान शिव को बिल्व पत्र चढ़ाने की महत्ता बताई। इसी दौरान भगवान शिव बने कलाकारों और आघोरियों ने तांडव किया। जिसे देखकर भक्तजन मंत्रमुग्ध हो उठे। इस मौके पर संस्था के सदस्यों ने कहा कि 30 जनवरी को सुबह 10 बजे हवन यज्ञ में सभी मिलकर आहुतियां डालेंगे। इस मौके पर संजय सेठ, दिनेश सिंघला, वरुण अग्रवाल, पूर्व पार्षद शमा शर्मा, मनोज अग्रवाल, सीमा सिंघला, रिचा अग्रवाल समेत कई भक्तजन मौजूद थे।


