भास्कर न्यूज | अमृतसर लारेंस रोड स्थित बिजली पहलवान मंदिर में शुक्रवार को शिव महापुराण कथा का आयोजन किया गया। कथा से पहले पंडित राम निवास पांडे और रोहित दुबे की ओर से मंत्रोच्चारण के साथ नवग्रह पूजन करवाया गया। वरुण अग्रवाल परिवार की ओर से करवाई शिव महापुराण कथा से पहले कलश यात्रा निकाली गई। यह कलश यात्रा मंदिर से शुरू होकर परिसर में ही समाप्त हो गई। शुक्रवार को शुरू की शिव कथा महापुराण कथा 28 दिसंबर तक चलेगी। बाद दोपहर 3 से 6 बजे तक चली कथा के पहले दिन ब्यास गद्दी पर विराजमान शुभम तिवारी महाराज वृंदावन काशी वालों ने अपनी कथा से भक्तों को 3 घंटे तक बांधे रखा। तिवारी ने सबसे पहले मां भगवती की आराधना की। उन्होंने कहा कि जहां भगवान शिव की कथा होती है वहां मां भगवती को भी याद करना पड़ता है। इसके बाद तिवारी ने जगत पिता ब्रह्मा जी की उत्पत्ति और तीर्थ गुरु पुष्कर राज का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि शिव पुराण कथा कहती है कि जल ही शिव का स्वरूप है। क्योंकि एक लोटा जल सभी समस्याओं का हल है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन मनुष्य के शरीर से हजारों श्वास निकलते हैं उनमें से वह कितने भगवान के भजन, परिवार और अन्य कार्यों में लगा रहे हैं इसका कोई हिसाब नहीं है। उन्होंने कहा कि मनुष्य ने पृथ्वी पर कितना धर्म और पुण्य किया इसका हिसाब भगवान जरूर रखते हैं। कथा से पहले पंडितों की ओर से पूर्ण विधि विधान से 11 कलश की पूजा-अर्चना की। इसके बाद महिलाओं ने कलश को सिरों पर रखकर यात्रा निकाली। बम बम भोले के जयकारे के साथ निकली कलश यात्रा में कई भक्तजन पहुंचे। कथा में तिवारी ने कहा कि देवों के देव महादेव जल्दी प्रसन्न होने वाले देव हैं। इन्हें अगर पूर्ण विधि विधान से एक जल लौटा भी चढ़ा दिया जाए तो वह प्रसन्न होकर दुख हर लेते हैं। आरती के बाद कथा को विराम दिया गया। इस मौके पर ऋचा अग्रवाल, पवन अग्रवाल समेत कई भक्तजन मौजूद थे।


