बिजली बिल शून्य करने का स्कीम:6385 उपभोक्ता कुल 33 मेगावाट के रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाकर फायदा भी ले रहे

किसी भी आम परिवार के लिए हर महीने आने वाला बिजली बिल घर का बजट बिगाड़ देता है, लेकिन केंद्र सरकार की एक योजना ऐसी है, जिससे वो बिजली बिल शून्य कर सकता है। यह संभव हो रहा है प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की बदौलत। अकेले जोधपुर डिस्कॉम क्षेत्राधिकार के ही तकरीबन दो हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं ने तो अपने घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगवाकर बिल को तो शून्य किया ही है, साथ ही साथ इसे लगवाकर सरकार से मिलने वाली अधिकतम 78 हजार रुपए की सब्सिडी का लाभ भी उठा रहे हैं। जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक डॉ. भंवरलाल के अनुसार डिस्कॉम क्षेत्राधिकार में अब तक 270 मेगावॉट बिजली उत्पादन से अधिक क्षमता के लिए 67346 उपभोक्ताओं ने इस योजना के तहत आवेदन किए हैं। इनमें से 16623 उपभोक्ताओं ने तो आवेदन करने के बाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाने के लिए वेंडर्स का चयन भी कर लिया है। इतना ही नहीं, 13 फरवरी से लेकर 25 दिसंबर तक 6385 उपभोक्ताओं के यहां रूफटॉप सोलर सिस्टम लगकर चालू भी हो चुके हैं, जिनकी अधिकतम 33 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता है। प्रक्रिया को भी बनाया सरल डिस्कॉम ने प्रधानमंत्री सूर्यघर निशुल्क बिजली योजना में रूफटॉप कनेक्शन के लिए आवेदन कि प्रक्रिया को भी और सरल किया है। इसके तहत सोलर कनेक्शन आवेदकों से डिमांड नोटिस की राशि भी अब अगले बिजली बिल के साथ ली जाएगी। फायदे की गणित: इस उदाहरण से समझें एक आम परिवार, जिसका हर महीने बिजली खर्च औसतन 250 से 300 यूनिट हो, तो वे अपने घर पर 3 किलो वाट का रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवा सकते हैं। इस पर लगभग 1.80 लाख रुपए खर्च होते हैं। इस कुल लागत 1.80 लाख का 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा बैंक लोन काफी कम ब्याज दर पर मिल जाता है। इसमें से सरकार से मिलने वाली सब्सिडी राशि के 78 हजार रुपए उसी लोन खाते में सीधे जमा हो जाएंगे। शेष बचे लगभग एक लाख रुपए के लोन की किश्त भी 1200 रुपए प्रति माह होगी, जो बिजली बिल से काफी कम होगी। पांच साल किश्ते चुकाने के बाद अगले 20 साल तक बिजली बिल की चिंता पूरी तरह खत्म। इतना ही नहीं, औसत उपभोग से ज्यादा बिजली बनने की स्थिति में वो यूनिट्स उपभोक्ता के खाते में जमा होती रहेगी और साल के अंत में उन अतिरिक्त यूनिट्स के बदले में रुपए भी मिल सकेंगे। जोधपुर डिस्कॉम के 16 सर्किल: आवेदन में पाली, तो इंस्टालेशन में जोधपुर सिटी आगे जोधपुर डिस्कॉम के सभी 16 सर्किल में पीएम सूर्यघर योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित करने की मुहीम चलाई जा रही है। इनमें जोधपुर, पाली, सिरोही, जालोर, बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और चूरू सहित सभी सर्किल में सर्वाधिक 10410 आवेदन के साथ पाली सर्किल सबसे आगे है, तो जोधपुर सिटी सर्किल में आवेदन भले ही 4335 ही हुए हों, लेकिन इनमें से 1564 इंस्टॉलेशन पूरे करके अन्य सर्किल से काफी आगे निकल चुका है। 39.66 लाख उपभोक्ताओं में 88 प्रतिशत का औसत उपभोग 300 यूनिट तक ही जोधपुर डिस्कॉम के घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या 39.66 लाख हैं। इनमें सिर्फ 12 प्रतिशत उपभोक्ता ही ऐसे हैं, जिनकी औसत बिजली खपत 300 यूनिट से अधिक हैं। जबकि, शेष 88 प्रतिशत उपभोक्ताओं औसतन 300 या इससे कम बिजली खर्च कर रहे हैं। इनके लिए पीएम सूर्यघर योजना सर्वाधिक फायदेमंद साबित हो सकती है। क्योंकि सरकार अधिकतम 3 किलो वाट तक के सोलर सिस्टम पर 78 हजार की सब्सिडी दे रही है। हालांकि, घरेलू उपभोक्ता अपनी स्वैच्छा से 10 किलोवाट तक का सोलर सिस्टम लगवा सकते हैं। सोलर प्लांट आवेदन की प्रक्रिया योजना में आवेदन के लिए सरकार ने नेशनल पोर्टल https://www.pmsuryaghar.gov.in/ लॉन्च किया है। इसी पोर्टल पर उपभोक्ता खुद ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस पोर्टल पर कंज्यूमर नंबर, नाम, पता और कितनी कैपेसिटी का प्लांट लगाना है, जैसी जानकारियां भरनी होंगी। डिस्कॉम कंपनियां इन डिटेल्स को वैरिफाई करेंगी और प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगी। पोर्टल पर ही सोलर सिस्टम लगाने वाले पंजीकृत वेंडर्स की सूची भी है, उनमें से मनचाहे वेंडर को चुन सकते हैं। सोलर पैनल लगने के बाद डिस्कॉम नेट मीटरिंग सिस्टम इंस्टॉल करेगी। जिससे उपभोक्ता के यहां उत्पादित बिजली यूनिट डिस्कॉम के पास पहुंचनी शुरू हो जाएगी और कुल उत्पादित यूनिट्स बिल में समायोजित होती रहेगी। इसका प्रमाण पत्र व सर्टिफिकेट पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके बाद लगभग 30 दिन में सब्सिडी की पूरी राशि उपभोक्ता के बताए खाते में सीधे ही ट्रांसफर होती है। छोटे दुकानदारों को भी योजना से जोड़ें तो बढ़ेगा दायरा जानकारों के अनुसार वर्तमान में पीएम सूर्यघर योजना में सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं को ही इस योजना के तहत लाभांवित किया जा रहा है, लेकिन छोटे दुकानदार, जिनका औसत बिजली उपभोग भी लगभग घरेलू उपभोक्ताओं जितना ही है, उन्हें भी इस योजना से जोड़ा जाए, तो लाभांवितों का दायरा बढ़ने के साथ साथ बिजली कंपनियों को भी अप्रत्यक्ष रूप से फायदा मिलेगा। क्योंकि, उन्हें वर्तमान में महंगी बिजली खरीदकर सस्ती देनी पड़ रही है।

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