बिजली बिल स्पष्ट, साथ ही वास्तविक मीटर रीडिंग पर आधारित होना चाहिए

भास्कर न्यूज | बेमेतरा ग्राम बहेरा में बिजली उपभोक्ताओं के अधिकारों पर एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को बिजली उपभोक्ता के रूप में उनके कानूनी अधिकारों तथा शिकायत निवारण की प्रक्रिया से अवगत कराना था। शिविर में सहायक प्रतिरक्षा अधिवक्ता आयुष शुक्ला ने बताया कि प्रत्येक उपभोक्ता को निर्धारित वोल्टेज और गुणवत्ता के साथ नियमित बिजली आपूर्ति प्राप्त करने का अधिकार है। बिना कारण बार-बार कटौती नहीं की जा सकती। यदि निर्धारित समय से अधिक बिजली बाधित रहती है तो उपभोक्ता मुआवजे की मांग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बिजली बिल स्पष्ट और वास्तविक मीटर रीडिंग पर आधारित होना चाहिए। लंबे समय तक औसत बिलिंग करना नियम विरुद्ध है। संदेह होने पर उपभोक्ता मीटर जांच की मांग कर सकते हैं, जिसका निराकरण 15 दिनों के भीतर किया जाना आवश्यक है। सहायक प्रतिरक्षा अधिवक्ता देवेंद्र साहू ने बताया कि विद्युत संबंधी शिकायतें तीन स्तरों पर की जा सकती हैं, जिनमें सीजीआरएफ (ग्रिवेंस रिड्रेसल फोरम), विद्युत लोकपाल और आवश्यकता होने पर उपभोक्ता आयोग में। मीटर खराब मिलने पर बिल में किया जाता है संशोधन अमन दुबे ने नए बिजली कनेक्शन के अधिकार की जानकारी देते हुए कहा कि पात्र व्यक्ति निर्धारित शुल्क जमा कर कनेक्शन प्राप्त कर सकता है और वितरण कंपनी मनमाने ढंग से आवेदन अस्वीकार नहीं कर सकती। प्रतिरक्षा अधिवक्ता पी राजेश्वरी ने मीटर परीक्षण की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि मीटर खराब पाए जाने पर बिल में संशोधन किया जाता है। शिविर में निशुल्क विधिक सहायता की जानकारी भी दी गई। ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी कर अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया।

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