हल्दी, गेंदा-पलाश के फूलों से तैयार किए हर्बल गुलाल

भास्कर न्यूज | कवर्धा होली के बाजार में जहां सस्ते केमिकल रंगों की भरमार रहती है, वहीं ग्राम राजा नवागांव की 10 महिलाओं ने इस बार तस्वीर बदल दी है। जनपद पंचायत बोड़ला के जय गंगा मैया स्व-सहायता समूह ने गेंदा, पलाश, चुकंदर, हल्दी और पालक से प्राकृतिक गुलाल तैयार किया है। यह गुलाल पूरी तरह केमिकल-मुक्त, त्वचा के लिए सुरक्षित और प्राकृतिक खुशबू से भरपूर है। गुलाल को आकर्षक पैकेजिंग की गई है, जिसे भोरमदेव हर्बल गुलाल का नाम दिया है। इसकी कीमत बाजार के रासायनिक रंगों से कम रखी गई है, जिससे ग्राहकों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। आकर्षक पैकिंग में उपलब्ध लाल, गुलाबी और पीले रंग के पैक उपहार के रूप में भी पसंद किए जा रहे हैं। पिछले साल मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद इस बार महिलाओं ने डेढ़ क्विंटल से ज्यादा गुलाल तैयार किया है। निर्माण से लेकर पैकेजिंग तक का काम कर रहीं महिलाएं पहले फूल-पत्तियों और सब्जियों से प्राकृतिक रंग निकालती हैं। फिर सुखाकर बारीक छानने की प्रक्रिया से मुलायम गुलाल तैयार किया जाता है। निर्माण से लेकर पैकेजिंग और बिक्री तक का पूरा काम समूह खुद संभालता है। घर- आंगन में ही महिलाएं गुलाल तैयार कर पैकेजिंग करती हैं। यह प्रयास 10 महिलाओं के लिए आय का सहारा बनीं इस गतिविधि में 10 महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हैं। कच्चे माल की व्यवस्था, निर्माण, पैकेजिंग और बिक्री तक का पूरा काम समूह स्वयं संभालता है। जिले में हर साल विभिन्न महिला समूह हर्बल गुलाल बनाते हैं और कलेक्टोरेट, जनपद पंचायत कार्यालयों सहित अन्य स्थानों पर स्टॉल लगाकर बिक्री करते हैं।

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