पोरसा गल्ला मंडी परिसर में भारतीय किसान संघ द्वारा किसान हितैषी मांगों को लेकर 15 दिसंबर से अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है। किसानों की मुख्य मांग बाजरे की फसल को उचित मूल्य पर खरीदे जाने को लेकर है। आंदोलन के तहत किसानों ने 18 दिसंबर को पोरसा कस्बे में चक्का जाम की घोषणा की थी। सुबह से चली प्रशासन और किसानों के बीच चर्चा
चक्का जाम की घोषणा को देखते हुए प्रशासन हरकत में आया। एसडीएम रामनिवास सिकरवार और एसडीओपी रवि भदौरिया के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम सुबह से ही गल्ला मंडी पहुंची और किसान प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा की।लंबी बातचीत और समझाइश के बाद किसान संगठन प्रशासन के अनुरोध पर चक्का जाम स्थगित करने पर सहमत हो गए। चक्का जाम टला, लेकिन धरना जारी रहेगा
भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फिलहाल चक्का जाम स्थगित किया गया है, लेकिन सांकेतिक धरना जारी रहेगा। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। स्थानीय स्तर की मांगों पर प्रशासन की सहमति
प्रशासन ने किसानों की स्थानीय स्तर की कई समस्याओं को तुरंत मान लिया है, जिनमें बाजरे की खरीद पर फैसला राज्य सरकार से होगा
किसानों की सबसे अहम मांग बाजरे की सरकारी खरीद को लेकर है। इस पर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय राज्य सरकार से चर्चा के बाद ही लिया जा सकता है।प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि राज्य स्तर पर बातचीत होने के बाद किसानों को जल्द स्थिति से अवगत कराया जाएगा। एसडीएम अंबाह रामनिवास सिंह सिकरवार ने बताया किसानों की मांगें जायज हैं। स्थानीय प्रशासन के स्तर की मांगों को तत्काल मान लिया गया है। बाजरे की खरीद किसानों की मुख्य मांग है, जिस पर राज्य सरकार से चर्चा कर उन्हें शीघ्र जानकारी दी जाएगी। स्थिति पर नजर
फिलहाल पोरसा गल्ला मंडी में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है, लेकिन किसान संगठन ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि मुख्य मांगों पर ठोस निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन आगे और तेज किया जा सकता है।


