सिंगरौली जिले की ग्राम पंचायत गोभा में वन विभाग के कर्मचारियों पर एक आदिवासी बैगा युवक के साथ बेरहमी से मारपीट करने का आरोप लगा है। पीड़ित युवक का कहना है कि मारपीट में उसे गंभीर चोटें आई हैं और उसका एक हाथ टूट गया है। घटना के बाद से पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है। बंद कमरे में मारपीट का आरोप पीड़ित लाल जी बैगा ने बताया कि यह घटना 9 दिसंबर 2025 की है। उसने बताया कि वन विभाग के कर्मचारी सुशील बुनकर और अन्य लोग उसे जबरन वन चौकी ले गए। वहां एक बंद कमरे में उसके साथ कथित रूप से बेरहमी से मारपीट की गई। मारपीट के दौरान उसे गंभीर चोट आईं और उसका हाथ टूट गया। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस से शिकायत की, लेकिन अब तक FIR दर्ज नहीं की गई है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस केवल जांच का आश्वासन दे रही है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। परिवार का कहना है कि आदिवासी होने के कारण उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। निष्पक्ष जांच कराने की मांग पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और एसपी से मामले में तुरंत FIR दर्ज करने, आरोपित वन चौकी कर्मचारियों को निलंबित करने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा। आंदोलन की चेतावनी दी बैगा समाज और आम आदमी पार्टी से जुड़े लोगों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो विशेष संरक्षित जनजाति बैगा के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं मामले पर वन विभाग के एसडीओ एनके त्रिपाठी ने बताया- पीड़ित युवक के खिलाफ पहले से एक अपराध प्रकरण दर्ज था, जिसके तहत उसे कोर्ट में पेश किया गया था। न्यायालय से उसे जमानत मिल चुकी है। इसके बाद युवक के साथ क्या हुआ, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। यदि मारपीट की कोई घटना हुई है, तो उसकी जांच कराई जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


