एमपी पीएससी के खिलाफ 90 घंटे तक कड़ाके की ठंड में प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थियों पर पुलिस ने दो थानों में बिना अनुमति मार्च और धारा 144 के उल्लंघन का केस दर्ज किया है। हद यह कि रविवार तड़के ही कलेक्टर आशीष सिंह ने मांगे स्वीकार करने की घोषणा कर धरना खत्म कराया था, दोपहर में कुछ अभ्यर्थी सीएम डॉ. मोहन यादव से भी मिले। भंवरकुआं पुलिस ने राधे जाट, रंजीत किसानवंशी, प्रशांत राजावत, गोपाल प्रजापति, अरविंद भदौरिया, कुलदीप सरकार, सचिन व अन्य के खिलाफ धारा 144 के उल्लंघन का केस दर्ज किया है। इनमें 2 छात्र ऐसे भी हैं, जो सीएम से मिलने गए प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे। संयोगितागंज पुलिस ने भी 7-8 युवकों पर केस दर्ज किया है। इनमें ज्यादातर कोचिंग संचालक हैं। आरोप है कि इन्होंने ही पीएससी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन करने के लिए भीड़ इकट्ठा की थी। मामले में एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित सिंह ने बताया कि घटनाक्रम को लेकर पुलिस ने संचालकों को चिह्नित किया गया है। अभ्यर्थी बाेले- जाे मांगें मानी, वाे जल्द लागू हाे इधर, दरअसल रविवार काे शनिवार 3 बजे कलेक्टर आशीष सिंह शासन की तरफ से एमपी पीएससी मुख्यालय पहुंचे थे। उससे पहले रेसीडेंसी काेठी पर भी प्रशासन के साथ कुछ अभ्यर्थियाें की चर्चा हुई थी। उसके बाद सुबह 5 बजे दाे अभ्यर्थियाें ने आमरण अनशन ताेड़ा और फिर आंदाेलन खत्म हाे गया था। साेशल मीडिया पर वीडियाे में लगाया आरोप- जबरदस्ती खत्म कराया धरना साेमवार काे साेशल मीडिया पर कई वीडियाे आए। इनमें आरोप लगाया गया कि धरना खत्म नहीं किया, सख्ती से खत्म कराया गया है। कुछ वीडियाे में पुलिस अभ्यर्थियाें काे हड़काते हुए कहती दिख रही है कि यहां से तुरंत चले जाओ। कुछ में अभ्यर्थी कह रहे हैं कि सुबह 7 बजे तक ताे बैठने देते। अभ्यर्थियाें ने यह भी कहा कि सीएम से मुलाकात में प्रमुख मांगाें पर मिले ठाेस आश्वासन के बाद आंदाेलन खत्म हुआ है। जाे मांगे मानी गई हैं, उन्हें जल्द लागू किया जाए। नहीं ताे दाेबारा आंदाेलन शुरू हाेगा।


