जिस सिकरवार ट्रेवल्स की बस में डेढ़ वर्ष पहले आग लगने से 13 लोगों की जान गई, अभी भी उनकी बसें बिना किसी सुरक्षा उपकरणों और तय मानकों के चल रही हैं। इसका खुलासा उस समय हुआ, जब वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने सिकरवार ट्रेवल्स की बस को रोका। उसमें कई खामियां पाई गईं। पुलिस ने बस को जप्त कर लिया है। पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मान सिंह ठाकुर के दिशा-निर्देशन में शुक्रवार को थाना प्रभारी यातायात अजय प्रताप सिंह और थानाप्रभारी कोतवाली सीपीएस चौहान के नेतृत्व में संयुक्त वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान गुना, बजरंगगढ़, आरोन मार्ग पर हड्डी मिल एवं उसके आसपास केंद्रित रहा, जहां नाकाबंदी लगाकर वाहनों की जांच की गई। चेकिंग के दौरान यात्री सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दर्जनों वाहन जांचे गए। अभियान में कई वाहन आधे-अधूरे दस्तावेजों के साथ पकड़े गए। कुछ ऑटो रिक्शा ओवरलोड पाए गए, जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई। कई बसों के चालक और परिचालक बिना निर्धारित यूनिफ़ॉर्म में पाए गए और उन्हें केंद्रीय मोटरयान नियम-1989 के तहत दंडित किया गया। विशेष रूप से सिकरवार ट्रेवल्स की बस क्रमांक एमपी 39 P 6690 में कई गंभीर खामियां पाई गईं। फर्स्ट एड बॉक्स सही हालत में नहीं था। अग्निशमन यंत्र खराब स्थिति में मिला। चालक और परिचालक वर्दी में नहीं थे और आपातकालीन द्वार स्थाई रूप से बंद पाया गया, जबकि वहां यात्रियों के लिए सीटें लगी थीं। पुलिस ने बताया कि डेढ़ वर्ष पहले इसी कंपनी की एक बस इसी तरह की लापरवाही के कारण आरोन-गुना मार्ग पर हादसे का शिकार हुई थी, जिसमें 13 यात्रियों की जान चली गई थी। इस प्रकार लापरवाहीपूर्वक यात्रियों की जान जोखिम में डालने वाले वाहन ऑपरेटर के खिलाफ बस को अग्रिम वैधानिक कार्रवाई के लिए थाना यातायात परिसर में खड़ा किया गया। अभियान के दौरान कुल 14 वाहनों पर 10,500 का जुर्माना लगाया गया और राजकीय कोष में जमा कराया गया। यातायात प्रभारी अजय प्रताप सिंह ने बताया कि अभियान का उद्देश्य सडक़ हादसों पर अंकुश लगाना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी वाहन चालकों और मालिकों को चेतावनी दी कि यातायात नियमों का पालन करना न केवल कानूनी दायित्व है बल्कि स्वयं की और यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी अनिवार्य है।


