शहर से लगे गांव जामनिया खुर्द में रविवार को एक तेंदुआ बिना मुंडेर के कुएं में गिर गया। वह कुएं में पत्थरों के बीच बैठकर गुर्राता रहा। ग्रामीणों ने सूचना वन विभाग को दी। टीम ने रेस्क्यू कर जाल व खटिया की मदद से तीन घंटे बाद तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। ग्रामीणों ने बताया तेंदुआ पहले पानी में छटपटाता रहा। फिर कुएं में पत्थरों के बीच जाकर बैठ गया। रेस्क्यू के बाद तेंदुए को प्राथमिक चिकित्सा परीक्षण के लिए चिड़ियाघर ले जाया गया। वन विभाग के अनुसार तेंदुए की उम्र करीब 2 से 3 साल के बीच है और उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। शिकार की तलाश में गिर गया
वन अधिकारियों ने बताया कि बिना मुंडेर के खुले और असुरक्षित कुएं वन्यजीवों के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। जिस कुएं में वह गिरा उसकी पाल नहीं थी। संभवत: शिकार की तलाश में दौड़ते हुए या तेज चलते हुए वह सीधे कुएं में जा गिरा। तेंदुए, नीलगाय और अन्य जानवर अकसर कुएं में गिर जाते हैं। 5 साल में 66 तेंदुओं की जान बचाई
डीएफओ प्रदीप मिश्रा के मुताबिक इंदौर वन मंडल में 2021 से 2025 के बीच 66 तेंदुओं सहित 337 वन्यजीवों का रेस्क्यू किया जा चुका है। रेस्क्यू के दौरान किसी भी तेंदुए की जान नहीं गई। रेस्क्यू की बढ़ती संख्या खतरे का नहीं, बल्कि बेहतर निगरानी और लोगों के बढ़ते भरोसे का संकेत है। 2025 में लगभग हर माह एक से दो तेंदुओं का रेस्क्यू किया। समय पर सूचना से हर बार बचाई तेंदुओं की जान


