बिना हेलमेट मिले तो बुजुर्ग ने कान पकड़े:पौती जितनी उम्र की बालिका ने कहा – अंकल हेमलमेट लगाओ, आपका रोज कोई इंतजार करता है

अलवर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने शुक्रवार को नंगली सर्किल के पास बिना हेलमेट स्कूटी चला रहे 70 साल के बुजुर्ग को रोका तो बुजुर्ग ने खुद ही कान पकड़ लिए। उनकी पौती जितनी उम्र की स्कूली बालिका कोमल प्रजापत ने सीधे सवाल किया अंकल हेलमेट लगाकर चलो। आपका कोई घर पर इंतजार करता है। तब बुजुर्ग ने जवाब दिया कि मुझे कम सुनाई देता है। इसलिए हेमलेट लगाकर नहीं आया। फिर बालिका ने कहा कि जिंदगी है तो सब कुछ है। सुनाई कम भी देता है तो भी जान तो हेलमेट ही बचा सकता है। फिर एक कार चालक को रुकवाया। जिसने सीट बेल्ट नहीं लगा रखी थी। यातायात पुलिस निरीक्षक संजय शर्मा के साथ खड़ी स्कूल की बालिका कोमल ने उनको भी अलग अंदाज में कहा कि अंकल सीट बेल्ट लगाना बहुत जरूरी है। मैं अपने पिता को भी बिना हेलमेट लगाए घर से नहीं जाने देती हूं। आपका जीवन कीमती है। सीट बेल्ट लगाकर ही चला करो। पहले समझाइश की। इसके बाद दुपहिया व चौपहिया वाहन चालकों को फूलमालाएं पहनाई। इस तरह अलवर शहर में स्कूल के बच्चों को साथ लेकर पुलिस की समझाइश जारी है। जिसका आमजन पर अन्य तरीकों की तुलना में अधिक असर दिखा है। असल में सड़क सुरक्षा जागरूकता के तहत नगली सर्किल से भगत सिंह सर्किल तक ट्रैफिक पुलिस थाना प्रभारी संजय शर्मा अपने साथ दो प्राइवेट स्कूलों के बच्चों को हाथों में तख्तियां देकर खुद के साथ लेकर निकले। कोई मोबाइल पर बात करते वाहन चलाते नजर आया तो उसे रुकवाया। फिर उसे समझाने का प्रयास किया गया। पुलिस अधीक्षक मुख्यालय शरण कांबले ने छात्र छात्राओं को ट्रैफिक नियमों के बारे में जानकारी साझा की। इसके बाद बालिकाओं ने ट्रैफिक रूल्स का पालन करने वालों का माला पहनाकर स्वागत किया। ट्रैफिक प्रभारी संजय शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार और डीजीपी पुलिस की ओर से 1 जनवरी से 31 जनवरी तक सड़क सुरक्षा माह चलाया जा रहा है। जिसमें ट्रैफिक नियमों की जानकारी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कारवाही कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। शुक्रवार को दो प्राइवेट स्कूल के बच्चों के साथ रैली निकाली गई । रैली के माध्यम से हेलमेट लगाने, मोबाइल पर बात नहीं करने एवं सीट बेल्ट लगाने को लेकर हाथों में तख्तियां लेकर बालिकाएं आगे बढ़ी। बालिकाओं ने आमजन को समझाया कि हेलमेट नहीं लगाएंगे तो जान चली जाएगी।

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