भास्कर न्यूज | बालोद कांग्रेस नेता व डोंगरगांव विधायक दलेश्वर साहू ने कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में रविवार को आरोप लगाया कि बिरनपुर मामले में सीबीआई की विशेष अदालत में अपनी चार्जशीट दाखिल की है। खबरों में चार्जशीट के तथ्य सामने आने के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि घटना की शुरुआत दो बच्चों के झगड़े से हुई थी, जो आगे चलकर दो परिवारों और फिर दो समुदायों के बीच टकराव में बदल गई। विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि सीबीआई की जांच में यह भी पाया गया कि घटना के पीछे कोई राजनीतिक षड्यंत्र नहीं था, बल्कि यह एक मामूली विवाद था जो हिंसक रूप ले गया। जांच के बिंदु उस समय की भाजपा सरकार ने तय किए थे, और यदि इनमें राजनीतिक षड्यंत्र को शामिल किया गया होता तो भाजपा की भूमिका उजागर हो जाती। चार्जशीट से यह साफ हो गया है कि भाजपा ने उस समय कांग्रेस सरकार और कांग्रेस पार्टी पर जो आरोप लगाए थे, वे झूठे थे। यह आरोप चुनावी लाभ लेने की राजनीतिक साजिश का हिस्सा थे। घटना को जातीय रंग देकर राजनीतिक लाभ लेने का भाजपा ने प्रयास किया विधायक ने आरोप लगाया कि भाजपा ने घटना को सांप्रदायिक और जातीय रंग देकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया था। भाजपा ने इस घटना के जरिए एक समाज को कांग्रेस के खिलाफ भड़काने का प्रयास किया और विधानसभा चुनाव में भी इस झगड़े को सांप्रदायिक रूप देने की कोशिश की। प्रधानमंत्री लेकर गृह मंत्री तक ने अपनी चुनावी सभाओं में इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को धार्मिक और जातीय रंग से जोड़कर पेश किया। भाजपा ने मृतक भुनेश्वर के पिता ईश्वर साहू को टिकट दिया।


