बिलासपुर जिले के गांव में एक अधेड़ ने पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसकी जेब में मिले सुसाइड नोट में भाजपा नेता के बेटे द्वारा पत्नी को भगाकर ले जाने और बदनामी के चलते खुदकुशी करने की बातें लिखी हैं। सुसाइड नोट के आधार पर परिजनों ने भाजपा नेता के बेटे और पत्नी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस पर इस मामले को दबाने का आरोप भी लगाया है। घटना तखतपुर थाना क्षेत्र की है। ग्राम बेलपान में रहने वाले देवनाथ मरकाम ने बताया कि वह दिव्यांग होने के कारण गांव में टेलरिंग करके गुजर बसर करता है। उनका छोटा भाई देवलाल मरकाम (52) गांव में रोजी मजदूरी करता था। उसकी लाश दो दिन पहले पेड़ पर फांसी के फंदे पर लटकी मिली। इसकी सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान उसके जेब से सुसाइड नोट मिला। सुसाइड नोट में लिखा था कि उसकी पत्नी अनिता मरकाम का गांव में ही किराना दुकान चलाने दद्दू कौशिक से था। सामाजिक बैठक भी हुई फिर भी भगा ले गया युवक
बताते हैं कि देवलाल ने अपनी पत्नी और किराना दुकान संचालक को कई बार आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया था। उसने अपनी पत्नी को कई बार समझाईश दी। इसे लेकर सामाजिक बैठक भी हुई थी। इसके बाद भी उसकी पत्नी अनिता को लेकर दद्दू भगा ले गया। इसकी जानकारी होने पर देवलाल मरकाम ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर जांच शुरू कर ली है। कार्रवाई की मांग को लेकर एसपी ऑफिस पहुंचे परिजन
इधर, इस गंभीर मामले में कार्रवाई नहीं करने और दोषियों को बचाने का आरोप भी लग रहा है। परिजन का आरोप है कि भाजपा मंडल अध्यक्ष के बेटे को पुलिस बचाने की कोशिश कर रही है। इसके चलते समाज के लोगों का आक्रोश भड़क रहा है। गांव के लोग परिजन के साथ एसपी ऑफिस पहुंच गए, जहां उन्होंने सुसाइड नोट के आधार पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस पर लापरवाही के लग रहे आरोप
एसपी कार्यालय पहुंचे परिजन ने आरोप लगाया कि महिला के गायब होने की जानकारी होने के बाद भी पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। किसान ने जब आत्महत्या कर ली तब भी पुलिस जुर्म दर्ज करने टालमटोल कर रही है। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर पुलिस पर मामले में लापरवाही के आरोप लग रहे हैं।


