बिलासपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना में फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। आवास मित्र, रोजगार सहायक और पंचायत सचिव ने मिलकर अपने ही परिवार के सदस्यों का फर्जी पंजीयन कर दिया। कूटरचना कर 6 हितग्राहियों के खाते से राशि निकाल ली। जांच के बाद तीनों के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। मामला तखतपुर थाना क्षेत्र का है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत जनपद पंचायत तखतपुर के ग्राम पंचायत बांधा में हितग्राही चयन में अनियमितता बरतने की शिकायत मिली थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत के सीईओ संदीप अग्रवाल ने जांच के लिए टीम गठित की। टीम ने जांच की, तब पता चला कि आवास मित्र राजेश कुमार सोनवानी ने कूटरचना कर हुए फर्जी तरीके से राशि अपने रिश्तेदारों का फर्जी पंजीयन कर निकाल ली है। इन हितग्राहियों की राशि का किया गबन जांच में पता चला कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 6 हितग्राही लैनी बाई पति जनक राम गंधर्व, राजेश कुमार पति कन्हैया, सरस्वती मरावी पति रामस्वरूप, सोना पति प्रदीप कुमार अग्रवाल, रामफल पोर्ते और गंगोत्री यादव के नाम स्वीकृति मिली थी। लेकिन, आवास मित्र ने अपने परिवार के सदस्यों का फर्जी पंजीयन व जियो टैगिंग कर राशि गबन कर ली। ऐसा कर उसने आवास की राशि का दुरुपयोग किया है। इस मामले में तत्कालीन अस्थायी रोजगार सहायक रितेश श्रीवास ने हितग्राहियों के आवासों का गलत पंजीयन और जियो टैगिंग किया। वहीं, पंचायत सचिव दिलीप पात्रे ने ग्राम सभा में गलत दस्तावेजों को सत्यापित करते हुए गलत प्रस्ताव पारित किया। जांच में मिली गड़बड़ी के बाद जनपद सीईओ ने तीनों के खिलाफ थाने में केस दर्ज कराया है।


