छत्तीसगढ़ शासन की योजना के तहत सरकारी और निजी स्कूलों में बच्चों को निःशुल्क किताबें बांटी जा रही हैं। लेकिन जशपुर जिले के शिक्षकों के लिए यह वितरण मुसीबत बन गया। बुधवार को जशपुर जिला के बगीचा और जशपुर ब्लॉक के 103 निजी स्कूलों के शिक्षकों को रायगढ़ बुलाया गया। किताब लेने पहुंचे शिक्षक सुबह से शाम साढ़े पांच बजे तक डिपो के बाहर खड़े रहे, लेकिन सर्वर डाउन होने के चलते स्कैनिंग ही शुरू नहीं हो सकी। देर शाम जाकर प्रक्रिया शुरू हुई। निजी स्कूलों से सौतेला व्यवहार का आरोप शिक्षकों ने बताया कि सरकारी स्कूलों तक किताबें खुद पहुंचाई जा रही हैं, लेकिन निजी स्कूलों के शिक्षकों को 200-250 किमी दूर बुलाकर परेशान किया जा रहा है। हम सुबह से यहां खड़े हैं, कोई जानकारी नहीं, कब स्कैनिंग होगी, कब किताबें मिलेंगी। पहली से 10वीं तक की किताबें शिक्षकों को पहली से 10वीं कक्षा तक के हिंदी, गणित, अंग्रेजी, संस्कृत, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की किताबें दी जानी हैं। मंगलवार को चार ब्लॉकों के स्कूलों को किताबें वितरित की गई थीं। बुधवार को दो ब्लॉकों के स्कूलों के लिए वितरण तय था। लेकिन सर्वर समस्या ने पूरा काम ठप कर दिया। देर शाम शुरू हुई स्कैनिंग जिला शिक्षा अधिकारी केवी राव ने बताया कि किताब वितरण से पहले स्कैनिंग की प्रक्रिया जरूरी है। सर्वर डाउन होने से दिक्कत हुई। उन्होंने कहा कि “शाम में स्कैनिंग शुरू कर दी गई और वितरण का काम तेजी से किया जा रहा है।”


