जबलपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार रात एक घंटे की बारिश से कीचड़ की स्थिति बन गई। केदा और छतौना के बीच अस्थायी मार्ग और पुलिया जलभराव से डूब गया। इससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। मार्ग पर कई मालवाहक ट्रक और यात्री बसें फंस गईं। यात्रियों को कीचड़ और पानी भरी सड़क पर पैदल चलना पड़ा। कई घंटों तक लोग सड़क पर फंसे रहे। हजारों लोग इस रास्ते से गुजरते है यह नेशनल हाईवे छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के हजारों ग्रामीण, छात्र और व्यापारी इस मार्ग का उपयोग करते हैं। यह मार्ग आपातकाल में बिलासपुर और रायपुर के अस्पतालों तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता है। सड़क निर्माण में गड़बड़ी का आरोप केदा, छतौना, गोढ़ी और अमदरहा के ग्रामीणों का इस मार्ग पर रोजाना आवागमन होता है। स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप लगाया है। दोनों राज्यों के बीच सड़क संपर्क टूटने का खतरा निर्माण कार्य की धीमी गति और अव्यवस्थित योजना से मानसून में बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो दोनों राज्यों के बीच सड़क संपर्क टूटने का खतरा है। इससे आम जनता के साथ प्रशासनिक और स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित होंगी।


