रेल पुलिस ने डाल्टनगंज रेलवे स्टेशन से आठ मजदूरों को रेस्क्यू किया है। इसमें चार नाबालिग और चार बालिग शामिल हैं। इस मामले में बाल मजदूरी और मानव तस्करी के आरोप में बिहार के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। शहर थाना में इस संबंध में बुधवार को एफआईआर दर्ज हुआ है। मानव तस्करी में औरंगाबाद जिला के कुटुंबा थानांतर्गत देवरिया गांव निवासी अजीत कुमार (33) पुलिस की गिरफ्त में आया है। अजीत रेड़मा में किराए के मकान में रहता है। वह बोरिंग का काम कराने के लिए बाहर से अवैध तरीके से मजदूरों को लाता है। रेलवे सुरक्षा बल देर रात डाल्टनगंज रेलवे स्टेशन पर पेट्रोलिंग में थी। सभी धनबाद के अलग-अलग जगहों के रहने वाले हैं इसी दौरान ऑटो पार्किंग के एरिया में कुछ नाबालिग दिखे। संदेह होने पर पता किया गया तो तीन युवक और एक 61 साल के व्यक्ति भी नाबालिगों के साथ मिले। सभी धनबाद के अलग-अलग जगहों के रहने वाले हैं। पूछताछ में सभी ने बताया कि अजीत कुमार यादव उन्हें 11 हजार रुपए महीना वेतन देता है और बोरिंग का काम कराता है। नए साल पर सभी अपने घर धनबाद जा रहे थे। रेलवे स्टेशन पर ही पुलिस को अजीत मिल गया। अजीत से मजदूरों से काम कराने को लेकर कागजात मांगे गए तो वह नहीं दिखा पाया।


