यदि आपने भी भारत सीरीज नंबर के वाहन का रजिस्ट्रेशन करवाने के दो साल बाद भी टैक्स नहीं चुकाया है तो ऐसा करना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। क्योंकि नियम है कि बीएच सीरीज में हर दो साल में मोटरयान कर जमा करना होता है। ऐसा नहीं करने पर दो साल पूरे होने के एक हफ्ते बाद से 100 रुपए रोजाना की दर से टैक्स वसूला जाएगा। मान लें कि किसी वाहन चालक ने नवंबर और दिसंबर महीने का टैक्स जमा नहीं किया है तो उसे 6100 रुपए पेनल्टी के तौर पर भरने पड़ सकते हैं। यह राशि टैक्स की मूल रकम के अलावा होती है। यानी वाहन स्वामी को टैक्स के साथ-साथ इतनी बड़ी पेनल्टी भी चुकानी पड़ सकती है। परिवहन विभाग ने विश्लेषण के बाद मप्र में 842 वाहन चालकों को डिफॉल्टर की श्रेणी में रखा है। अब इनसे जनवरी 2026 के दूसरे हफ्ते से वसूली शुरू की जाएगी। डिफॉल्टर श्रेणी 30 नवंबर 2025 तक की स्थिति में बनाई गई है। इसमें आने वाले वाहन मालिकों की संख्या मप्र के तीन बड़े शहरों में सबसे ज्यादा है। इनमें जबलपुर, भोपाल और ग्वालियर शामिल हैं। भारत सीरीज नंबर की शुरुआत सितंबर-2021 में की गई थी। इसका मकसद ऐसे अधिकारी-कर्मचारियों को सुविधा देना था, जिनका अंतरराज्यीय स्थानांतरण होता रहता है। इससे वे बगैर दोबारा रजिस्ट्रेशन के किसी भी राज्य में अपने वाहन का इस्तेमाल कर सकते हैं। अफसरों का मानना है कि ऐसा इसलिए हुआ होगा, क्योंकि कई वाहन मालिक समय पर टैक्स जमा करने की समय-सीमा से अनजान रहे होंगे। प्रदेश में चल रहे हैं 24 हजार बीएस-सीरीज वाहन भोपाल समेत इन शहरों में ज्यादा डिफॉल्टर
जबलपुर – 232 वाहन
भोपाल – 182 वाहन
ग्वालियर – 150 वाहन
अन्य जिलों में – 278 वाहन दो साल में टैक्स नहीं तो रोज 100 रुपए जुर्माना
विभाग के अफसरों ने बताया कि केंद्रीय मोटरयान नियम, 1989 के नियम 51बी के तहत BH-सीरीज वाहनों का रजिस्ट्रेशन करवाने पर लाइफ टाइम टैक्स नहीं भरना पड़ता है। इसकी जगह हर दो साल में मोटरयान कर जमा करने का प्रावधान किया गया है। यदि वाहन मालिक तय दो साल की तारीख से 7 दिन के बाद भी टैक्स जमा नहीं करता है तो बकाया टैक्स पर 100 रुपए प्रति दिन की दर से पेनाल्टी लगती है।


