सागर के मरीजों को अब सीटी स्कैन और एमआरआई की जांच कराने भोपाल या जबलपुर नहीं जाना पड़ेगा। यह सभी जांचें सागर बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में होंगी। डॉक्टर ईमानदारी से कार्य करें और मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराएं। सभी जनप्रतिनिधियों के साथ हम बीएमसी को और आगे बढाने में हर संभव मदद करेंगे।यह बात खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने रविवार को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक सीटी स्कैन (160 स्लाइस) और एमआरआई (1.5 टेस्ला) मशीनों के लोकार्पण के मौके पर कहीं। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की जो पहले छवि थी, उसको बदलने का कार्य डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की लगातार मेहनत से बदली है। सभी डॉक्टर और अन्य स्टाफ पूरी ईमानदारी और लगन से पीड़ितों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें समुचित उपचार प्रदान करें। उन्होंने कहा कि ये मशीनें संपूर्ण बुंदेलखंड के लिए वरदान सिद्ध होंगी और अब हमारे बुंदेलखंड के निवासियों को भोपाल, जबलपुर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। सारी जांचें और इलाज अब यहीं बीएमसी में होंगे। बीएमसी में जल्द होगा कैंसर अस्पताल का भूमिपूजन
कार्यक्रम में विधायक शैलेन्द्र जैन ने कहा कि सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनों के लोकार्पण से बुंदेलखंड की स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार होगा। बीएमसी में जल्द ही प्राइवेट पार्टनरशिप योजना के माध्यम से कैथ लैब की स्थापना भी की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के द्वारा जल्द कैंसर अस्पताल का भूमिपूजन होगा। उन्होंने सभी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ से आग्रह किया कि वे अपनी भूमिका का निर्वहन करें और बीएमसी को बुलंदियों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि बीएमसी के सकारात्मक रवैये से सरकार ने 125 सीटों से बढ़ाकर 150 की हैं। अब इसे 250 सीटों तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। जल्द ही इसके लिए सरकार के समक्ष मांग रखी जाएगी। एमआरआई मशीनों की जानकारी ली डीन डॉ. पीएस ठाकुर ने कहा कि जल्द ही सागर बीएमसी में कैंसर अस्पताल और कैथ लैब की स्थापना से यह संस्थान एक जीवनदायिनी केंद्र बनेगा। इस दौरान मंत्री राजपूत, विधायक जैन समेत अन्य अतिथियों ने सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनों के तकनीकी पहलुओं के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान सीएमएचओ डॉ. ममता तिमारे, डॉ. राजेश जैन, डॉ. पुण्य प्रताप सिंह, डॉ. सौरभ जैन, डॉ. रमेश पांडे, डॉ. सृकति श्रीवास्तव, डॉ. अजय गंगवानी, डॉ. ब्रजभान अहिरवार, डॉ. प्रदीप चौहान, डॉ. ज्योति चौहान आदि मौजूद थे।


