भाजपा के जिलाध्यक्षों के नामों की सूची मंगलवार को भी जारी नहीं हो सकी। इसकी वजह पार्टी के बड़े नेताओं द्वारा आपस में इलाके बांटकर अपने चहेतों के नाम आगे कर दिए हैं। वहीं संघ की ओर से आए ज्यादातर नामों की उपेक्षा कर दी है। संघ के नामों को पीछे करने के लिए नेताओं की बीच आपसी असहमति का ड्रामा भी खड़ा किया गया है। सिंधिया और तोमर ने ग्वालियर चंबल तो मोहन यादव ने उज्जैन संभाग, इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय, जबलपुर और सागर में वीडी, प्रहलाद सिंह और राकेश सिंह की चली है। ज्यादातर ग्रामीण इलाकों वाले जिलों में संगठन की चली है, लेकिन महानगरीय और शहरी जिलों में सत्ता-संगठन के बड़े नेताओं में मतभेद हैं। इस कारण पार्टी कैडर में नीचे असंतोष भी पनप रहा है। इस कारण भाजपा प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद मंगलवार शाम को भोपाल से दिल्ली रवाना हुए। दोनों को राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष ने दिल्ली बुलाया है। भोपाल समेत 4 बड़े जिलों के नाम होल्ड
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के शहरी जिलाध्यक्षों के नाम होल्ड कर दिए गए हैं। उज्जैन संभाग के जिलाध्यक्षों में मोहन यादव की पसंद चली है। वहीं ग्वालियर अंचल में सिंधिया खेमे और विंध्य में राजेंद्र शुक्ला के समर्थकों को तवज्जो दी गई है।


