अमृतसर| पंजाब में अचानक आई भीषण बाढ़ ने जहां गांवों और खेतों को तबाह कर दिया, वहीं ग्रामीण जीवन को भी प्रभावित किया। इस आपदा के बीच सीमा सुरक्षा बल (बाएसएफ) ने सीमाओं की रक्षा से आगे बढ़कर इंसानियत की सच्ची सेवा का परिचय दिया। जैसे ही हालात बिगड़ने शुरू हुए, बीएसएफ की मेडिकल टीमें सक्रिय हो गईं। अन्य विभागों के डॉक्टरों के सहयोग से सीमावर्ती गांवों में प्रतिदिन चिकित्सा शिविर लगाए गए। इन प्रयासों से अब तक 14,000 से अधिक ग्रामीणों को उपचार, दवाइयां और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। जलमग्न और दुर्गम इलाकों में भी बीएसएफ की टीमें सबसे पहले पहुंचीं और हर संभव राहत तथा चिकित्सकीय सहायता पहुंचाई। पशुओं का भी समुचित ध्यान रखा गया। बीएसएफ की वेटरनरी टीमों ने रोजाना विशेष शिविर लगाकर 4,000 से अधिक पशुओं का उपचार किया। कई स्थानों पर टीमों ने घर-घर जाकर पशुओं का इलाज किया, ताकि किसान अपनी आजीविका और ग्रामीण परिवार अपनी आर्थिक रीढ़ से वंचित न हो जाए। बीएसएफ पंजाब ने सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि किसी भी संकट या आवश्यकता की स्थिति में वे निःसंकोच बीएसएफ की यूनिटों से संपर्क करें।


