भास्कर न्यूज | अमृतसर वेरका मिल्क प्लांट के सामने स्थित 9300 वर्ग गज जगह पर विष्णु प्रोसेस यूनिट की ओर से किए गए अवैध कब्जे को खाली करवाने का आदेश अदालत की तरफ से सुनाया गया है। अदालत का बैल्फ सोमवार को उक्त जगह पर कब्जा लेने के लिए पहुंचा तो यूनिट के लोगों की तरफ से उक्त जमीन के मेन गेट पर ताले जड़ दिए गए, जिसके पश्चात बैल्फ को लौटना पड़ा। मौके पर पुलिस बल भी पहुंचा था। बैल्फ की ओर से घटनाक्रम की सारी रिपोर्ट भी बनाई गई, जोकि अदालत में पेश की जाएगी, जिसके बाद अदालत अपना अगला फैसला सुनाएगा। फिलहाल सोमवार को पुलिस और अदालत का बैल्फ उक्त जगह का कब्जा नहीं दिला पाया। केस की अगली सुनवाई मंगलवार को फिर से होगी, जिसमें अदालत कोई सख्त फैसला सुना सकता है। सुदर्शन सेवा ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी अविनाश महेंद्रू ने बताया कि वेरका मिल्क प्लांट के सामने विष्णु प्रोसेस यूनिट की तरफ से उनकी जमीन पर कब्जा किया गया था। इस जमीन पर माफिया गिरोह की तरफ से पूरी प्लानिंग के साथ इस जगह को कब्जाने का प्रयास किया था। इसकी फर्जी दस्तावेजों पर रजिस्ट्री भी बनवा ली गई। इस संबंधी उन्होंने 1996 में केस किया था। 18 साल बाद वर्ष 2014 में उक्त जगह को खाली करने का आदेश हुआ था, लेकिन कब्जाधारकों की ओर से इस जगह को खाली नहीं किया गया। इसके बाद फिर से केस किया गया और जिन लोगों ने इस जमीन पर कब्जा कर रखा था, उन पर धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया गया। उन्होंने बताया कि इसमें कनव खन्ना, उसके ससुर मदन गोपाल अरोड़ा, सुखदेव सिंह और ऊषा भाटिया पर 31 अक्तूबर 2019 में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ। उसके बाद अदालत में केस चला तो 3 फरवरी 2023 को इन्हें 2-2 साल की सजा भी सुनाई गई थी। अदालत में सजा सुनाए जाने के बावजूद उक्त कब्जाधारियों ने इस जगह का कब्जा नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि अब अदालत की ओर से करीब 11 वर्ष के बाद उक्त जगह का कब्जा दिलाने का अदालत की तरफ से फैसला सुनाया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें अदालत पर पूरा भरोसा है और आने वाले समय में अदालत की तरफ से उक्त जगह का उन्हें कब्जा दिलवा दिया जाएगा।


