बोकारो स्टील प्लांट में स्थाई कर्मचारी लगातार कम हो रहे हैं। 8 साल में करीब 4 हजार कर्मचारी घट गए। बहाली 20% भी नहीं हो रही है। इसलिए उत्पादन कम न हो, इसलिए जिन विभागों को कर्मचारी नहीं हैं या कम हो गए हैं, उन्हें मर्ज किया जा रहा है। ताकि दूसरे विभाग के कर्मियों से काम लिया जा सके और उत्पादन बढ़ाया जा सके। इसी के तहत बीएसएल ने 18 विभागों को 3 विभाग में मर्ज कर दिया है। बीएसएल के जानकारों के अनुसार ऑपरेशनल इफिसिएन्सी के तहत यह अच्छी पहल है। इससे छोटे-छोटे विभागों के कर्मियों के हित में निर्णय लेने में बीएसएल प्रबंधन को आसानी होगी। हालांकि वैश्विक उत्पादक बनने की दिशा में कंपनी की यह सार्थक पहल है, लेकिन दूसरी ओर कर्मियों पर काम का बोझ बढ़ाने के साथ उनकी लंबित सुविधाओं पर विचार भी होना चाहिए। उनकी सुविधाएं भी बहाल होनी चाहिए। सेल के विभिन्न यूनिटों में ऐसे घटे कर्मी यूनिट जनवरी17 अगस्त 25 कमी बोकारो 12452 8477 3975 भिलाई 21234 10778 10456 दुर्गापुर 8615 7034 1581 राउरकेला 13901 9799 4102 बर्नपुर 6210 3681 2529 एलॉय 756 420 336 एसएसपी 909 568 341 भद्रावती 370 188 182 आरएमडी 3008 — — सीएमओ 683 342 341 एसआरयू 756 315 441 कोलियरी 1251 787 464 कारपोरेट 198 107 91 सीएफपी 340 80 260 अन्य 325 92 233 कुल 71008 41376 29632 कर्मचारियों को मिलेगा लाभ, 95% तक इंसेंटिव की उम्मीद इस पुनर्गठन से कर्मचारियों को भी लाभ होगा। आदेश के अनुसार, विलय किए गए विभागों के सभी गैर-कार्यकारी कर्मचारियों को 95% प्रोत्साहन (इंसेंटिव) लागू होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इससे जो जितना काम करेंगे, उन्हें उतना ज्यादा लाभ मिलेगा। यह आदेश सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद 26 अगस्त 2025 से लागू किया गया है। इससे बोकारो स्टील प्लांट की परिचालन दक्षता और उत्पादकता में काफी सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है। सेफी के वाइस चेयरमैन और बीएसओए के जनरल सेक्रेटरी अजय कुमार पांडेय ने कहा कि यह बदलाव केवल प्रबंधन का नहीं, बल्कि कर्मचारियों के हितों से भी जुड़ा हुआ है। ऐसे समझें… किन विभागों को कहां किया गया मर्ज बीएसएल ने अपने नए आदेश में वर्क्स डिवीजन में तीन विभाग गठित किए हैं। जिन विभागों का विलय किया गया है, उनमें सेंट्रल मेंटेनेंस-मैकेनिकल में कैपिटल रिपेयर, हैवी मेंटेनेंस, जनरल मेंटेनेंस, सेंट्रल मैकेनिकल सर्विस आदि, सेंट्रल मेंटेनेंस इलेक्ट्रिकल में कैपिटल रिपेयर, हैवी मेंटेनेंस, जनरल मेंटेनेंस आदि और शॉप्स एंड फाउंड्री में मशीन शॉप, स्ट्रक्चरल शॉप, फोर्ज शॉप, पीपीसी एंड आईओसी आदि सहायक इकाइयों को मर्ज किया गया है।


