प्रदेश के बजट में बीकानेर से सटे बॉर्डर एरिया में रहने वाले परिवारों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। वित्त मंत्री दिया कुमारी ने मुख्यमंत्री थार सीमाक्षेत्र विकास कार्यक्रम की घोषणा करते हुए डेढ़ सौ करोड़ रुपए का बजट देने की घोषणा की है। इससे बीकानेर के खाजूवाला व बज्जू क्षेत्र में काम हो सकेंगे। बीकानेर के लिए भजनलाल सरकार की घोषणाएं
शिक्षा क्षेत्र खासकर हाल ही में स्थापित बीकानेर विकास प्राधिकरण (बीडीए) को विकास के लिए स्पेशल बजट मिल सकता है। बीडीए गठित होने के बाद से पहली बार पेश हो रहे बजट में शहर के विकास के लिए नए प्रस्ताव आ सकते हैं। उधर, निकायों के चुनाव से पहले नगर निगम को भी बजट से उम्मीद है। बीकानेर नगर निगम क्षेत्र में पिछले साल हुई घोषणाओं को पूरा करना भी अभी शेष है। बीकानेर की सबसे बड़ी समस्या रेल फाटक के मुद्दे पर काम होना बाकी है। कोटगेट और केईएम रोड से निकल रहे रेलवे फाटक के पास से अंडर ब्रिज बनाने के लिए कांग्रेस सरकार ने बजट दिया था लेकिन काम नहीं हुआ। भाजपा सरकार रेलवे क्रासिंग समस्या का समाधान करने के लिए एलिवेटेड के पक्ष में रही है। ऐसे में एलिवेटेड रोड के लिए अलग से बजट मिल सकता है। उम्मीद की जा रही है कि शहर के सौंदर्यकरण के लिए अलग से बजट जारी किया जाएगा। शहर के बाहरी क्षेत्र में नए पार्क स्थापित करने, बीकानेर में ड्राई पोर्ट के लिए बजट देने, जोड़बीड़ क्षेत्र में नई आवासीय योजना स्थापित करने का काम भी इस बजट में हो सकता है। उधर, सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित पीबीएम अस्पताल में नए विभाग स्थापित करने की घोषणा हो सकती है। भामाशाहों के दम पर पनप रहे इस अस्पताल में सरकारी सहयोग की जरूरत महसूस की जा रही है। जस्सूसर गेट स्थित जिला अस्पताल में सौ बेड का नया अस्पताल बनाने का प्रस्ताव भी सरकार के पास विचाराधीन है। अस्पताल में अलग अलग विभागों का नया टॉवर स्थापित हो सकता है। वहीं गंगाशहर स्थित सेटेलाइट अस्पताल का दर्जा भी बढ़ सकता है। बीकानेर पश्चिम में राजकीय कन्या महाविद्यालय कांग्रेस के राज में स्थापित हुआ था, अब इस कॉलेज के भवन और अन्य सुविधाओं के लिए बजट की आवश्यकता है। इस बजट में कुछ घोषणा हो सकती है। वहीं लूणकरनसर, नोखा, श्रीडूंगरगढ़, कोलायत और खाजूवाला में भी कॉलेज शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में काम होने की उम्मीद है।


