बीकानेर में ऊंटों ने लगाई दौड़:केमल हेयर डिजाइन में जापान की मेगूमी रही पहले स्थान पर, धर्मेंद्र का ऊंट सबसे शानदार नाचा

बीकानेर में चल रहे इंटरनेशनल केमल फेस्टिवल के दौरान जापान की मेगूमी ने ऊंटों के बाल कतरते हुए ऐसी डिजाइन बनाई कि उसे पहला पुरस्कार मिल गया। वहीं ऊंटों ने दौड़ लगाई तो सैकड़ों की संख्या में खड़े दर्शक रोमांचित हो गए। ऊंट उत्सव के दूसरे दिन बीकानेर के उष्ट्र अनुसंधान केंद्र में एक के बाद एक प्रतियोगिता हुई। इस दौरान आयोजित ऊंट साज सज्जा प्रतियोगिता में लक्ष्मण प्रथम स्थान, इमरान दूसरे, मगाराम तीसरे स्थान पर रहे। ऊंट दौड़ प्रतियोगिता में भागीरथ , अकरम तथा अरमान क्रमशः प्रथम , द्वितीय और तृतीय रहे । ऊंट फर कटिंग में प्रथम स्थान पर जापान की मेगूमी, श्रावण द्वितीय तथा तृतीय स्थान पर हरिराम रहे। ऊंट नृत्य प्रतियोगिता में धर्मेंद्र प्रथम, शिशुपाल द्वितीय तथा महेन्द्र सिंह तीसरे स्थान पर विजेता रहे। अंतर्राष्ट्रीय ऊंट उत्सव के दूसरे दिन रेगिस्तान के जहाज़ ऊंट के करतब देसी विदेशी सैलानियों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे। शनिवार को हुए कार्यक्रमों की श्रृंखला में एनआरसीसी परिसर में ऊंटों की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें ऊंट नृत्य, ऊंट दौड़, साज सज्जा, फर कटिंग सहित अन्य रोमांचक प्रतियोगिताओं का सैलानियों ने खूब लुत्फ उठाया। ऊंटों का नृत्य और दौड़ रहे रोमांचक राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में देसी विदेशी सैलानी पहुंचे। राजस्थानी लोक धुन पर ऊंटों ने ऊंची छलांगे, तो कभी नृत्य कर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। पारंपरिक ऊंट सज्जा फर कटिंग की कलाओं को भी सैलानियों ने खूब सराहा। ऊंटों के साथ सेल्फी खिंचवाते दिखे सैलानी परिसर में हर तरफ सजे धजे ऊंटों की चमक हर किसी को बरबस ही अपनी और खींच रही थी। यहां पहुंचे लोग ऊंटों की सवारी करने के साथ-साथ सेल्फी लेते भी नजर आए। जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि और पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर ने ऊंट उत्सव के दूसरे दिन एनआरसीसी में आयोजित कार्यक्रमों का अवलोकन किया। उन्होंने यहां सैलानियों के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली और विभिन्न अनुसंधान केंद्रो की ओर से लगाए गए स्टॉल्स का भी निरीक्षण किया। इस दौरान निगम आयुक्त मयंक मनीष, बीकानेर विकास प्राधिकरण की सचिव अपर्णा गुप्ता, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोहन लाल, अतिरिक्त जिला कलेक्टर रमेश देव, उष्ट्र अनुसंधान केंद्र निदेशक समर कुमार घोरुई आदि उपस्थित रहे। राजस्थानी पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी जापान की मेगूमी के साथ स्थानीय पर्यटक फोटो खींचते नजर आए। एनआरसीसी की ओर से ऊंट के दूध से बने विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी और स्टॉल्स भी सैलानियों के आकर्षण का विशेष केंद्र रही। देसी विदेशी पर्यटक ऊंट के दूध से बनी आइसक्रीम, कॉफी का आनंद लेते नजर आए। कार्यक्रम का संचालन संजय पुरोहित और किशोर सिंह राजपुरोहित ने किया।

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