बीकानेर में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए संभाग के वकील मिलकर रणनीति बनाएंगे। वकीलों ने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार कर हाईकोर्ट बेंच के लिए जिला न्यायाधीश और कलेक्टर को 192वां ज्ञापन सौंपा। बार एसोसिएशन के नव निर्वाचित अध्यक्ष अजय कुमार पुरोहित के नेतृत्व में वकील जिला न्यायाधीश अश्विनी विज और कलेक्टर नम्रता वृष्णि से मिले। दोनों को हाईकोर्ट बेंच के लिए राष्ट्रपति और चीफ जस्टिस राजस्थान के नाम 192वां ज्ञापन सौंपा। वकीलों ने विरोधस्वरूप न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया। एसोसिएशन अध्यक्ष पुरोहित ने बताया कि 17 अगस्त, 2009 को बार एसोसिएशन, बीकानेर की आम सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर संकल्प लिया गया कि संभाग की जनता को सस्ता, सुलभ त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के लिए हाईकोर्ट बेंच बीकानेर में अविलम्ब स्थापित की जावे। सरकार पर वित्तीय भार भी नहीं पड़ेगा। क्योंकि, बीकानेर में ऐतिहासिक बिल्डिंग हाईकोर्ट की बेंच के लिए उपलब्ध है। इसमें तत्कालीन बीकानेर राज्य में 1922 से 1950 तक बीकानेर हाईकोर्ट अस्तित्व में रही हैं। वृहद राजस्थान बनने पर हाईकोर्ट को यहां से हटा दिया गया था। पूर्व में 125 दिनों तक हड़ताल कर अदालतों में अपना कार्य स्थगित रखा था। कुलदीप कुमार शर्मा ने कहा कि प्रत्येक माह की 17 तारीख को प्रोटेस्ट-डे मनाया जाता है जो बेंच मिलने तक जारी रहेगा। ज्ञापन देने वालों में वरिष्ठ अधिवक्ता गणेश चौधरी, सुरेंद्रपाल शर्मा, धर्मेंद्र वर्मा ,भंवर लाल बिश्नोई, राजेश श्रीवास्तव, सन्तनाथ योगी, नवनीत नारायण व्यास, भंवर जनागल, रघुवीर सिंह राठौड़, मनोज भादानी, लक्ष्मीकांत रंगा, श्रवण जनागल, चतुर्भुज सारस्वत, रवैल भारतीय, हसन राठौड़, अनिल सोनी, विजय दीक्षित सहित अन्य अधिवक्ता शामिल रहे।


