बीजेपी नेता बोले- कांग्रेस के जितने पदाधिकारी, उतने ही वोटर:कांग्रेस ने वंदे मातरम को तुष्टिकरण के एजेंडे की भेंट चढ़ाया

संसद में राष्ट्रीय गान और राष्ट्रभाव को लेकर हुई बहस पर बीजेपी नेता गौरव वल्लभ ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अगर राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीयता पर चर्चा को निरर्थक बताया जा रहा है, तो देश में कोई भी बहस सार्थक नहीं रह जाती। गौरव वल्लभ ने शनिवार को उदयपुर दौरे के दौरान मीडिया से बात करते हुए यह बात कही। बीजेपी नेता गौरव वल्लभ ने कहा कि भारत में रहकर भारत की राष्ट्रीय पहचान, वंदे मातरम और राष्ट्रगीत पर ही चर्चा होगी। क्या हम भारत में रहकर इटली, कंबोडिया या कोलंबिया जैसे देशों के राष्ट्रीय गान पर बहस करेंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन देशों में कांग्रेस के बड़े नेता लगातार यात्रा करते रहते हैं, क्या वहां के नेशनल एंथम पर चर्चा की जाए। भारत में रहकर भारत की राष्ट्रीयता पर चर्चा होना स्वाभाविक है और यही चर्चा सार्थक भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक वंदे मातरम को तुष्टिकरण के एजेंडे की भेंट चढ़ाया गया। उसे इसलिए दबाया गया क्योंकि वह तुष्टिकरण की राजनीति में बाधा बनता था। गौरव वल्लभ ने सवाल उठाया कि आज़ादी की भावना से जुड़े इस गीत को पूर्ववर्ती सरकारों ने अपने राष्ट्रीय सम्मेलनों से क्यों हटाया। इसके कई छंदों को क्यों बाहर किया गया। देश जानना चाहता है कि जिस गीत ने हर हिंदुस्तानी को अपने रोम-रोम से देश पर न्योछावर होने की प्रेरणा दी, उसे बार-बार क्यों दबाया गया। गौरव वल्लभ ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि वे खुद कांग्रेस की कई बैठकों में रहे हैं, लेकिन उन्होंने कभी कांग्रेस के किसी मंच से वंदे मातरम को गाते नहीं सुना। कब किसी कांग्रेस सम्मेलन की शुरुआत वंदे मातरम से हुई? कांग्रेस राष्ट्रप्रेम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा से असहज होती है और ऐसे विषय आते ही मुद्दों को भटकाने की कोशिश करती है। एसआईआर और घुसपैठ पर बयान एसआईआर को लेकर गौरव वल्लभ ने कहा कि देश की जीएसटी का उपयोग घुसपैठियों के विकास के लिए नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि क्या देशवासी यह चाहते हैं कि उनके टैक्स का पैसा घुसपैठियों पर खर्च हो। बीजेपी का मॉडल स्पष्ट है- घुसपैठियों का न साथ, न विकास। उन्होंने कहा कि वह दौर खत्म हो चुका है जब दिल्ली से भेजे गए पैसे से घुसपैठियों का विकास होता था। अब देश का एक भी पैसा घुसपैठियों पर खर्च नहीं होगा, बल्कि देशवासियों के विकास पर लगेगा और वंदे मातरम सर्वोपरि रहेगा। राजस्थान सरकार के 2 साल पर दावा राजस्थान सरकार के दो साल पूरे होने पर गौरव वल्लभ ने शिक्षक के नजरिए से सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में सैकड़ों प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित हुईं, लेकिन एक भी परीक्षा में पेपर लीक नहीं हुआ। हजारों और लाखों की संख्या में सरकारी पद भरे गए और नियुक्तियों में न फोन चला, न पर्ची। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान एक ही परिवार के कई लोग आरएएस बन जाते थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान के युवा यह नहीं भूले हैं कि कैसे एक के बाद एक परीक्षाओं में पेपर लीक होते थे। कभी आरएएस, कभी पटवारी, कभी फर्स्ट ग्रेड और सेकंड ग्रेड शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ियां सामने आती थीं। आरपीएससी से जुड़े कई लोग आज जेल में हैं और बाकी पर भी कार्रवाई होगी। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को कानूनी प्रक्रिया के तहत जवाब देना ही पड़ेगा। कांग्रेस संगठन पर कटाक्ष कांग्रेस द्वारा हाल में नियुक्त किए गए जिलाध्यक्षों पर तंज कसते हुए गौरव वल्लभ ने कहा कि कांग्रेस के पास आज जिला अध्यक्ष बनने वाले लोग भी नहीं बचे हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के जितने पदाधिकारी हैं, उतने ही उसके वोटर रह गए हैं। उन्होंने कांग्रेस के पुराने ‘50 अंडर 50’ प्रस्ताव का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी अपने ही पारित प्रस्तावों पर अमल नहीं करती। जब कांग्रेस अपने फैसलों का सम्मान नहीं करती, तो जनता की बात क्या सुनेगी।

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