केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार शाम पटना से दिल्ली आ रहे थे। शिवराज जिस फ्लाइट में सवार हुए उसके सह-कैप्टन पूर्व केन्द्रीय मंत्री और बिहार के छपरा से सांसद राजीव प्रताप रूड़ी थे। हिन्दी में अनाउंसमेंट ने जीता शिवराज का दिल
पटना से जैसे ही फ्लाइट रवाना हुई। उसके पहले राजीव प्रताप रूडी ने हिन्दी में अनाउंसमेंट शुरू किया। रूडी ने पटना में बारिश के बीच उडान भरने से लेकर बनारस, प्रयागराज और लखनऊ के दीदार होने और गंगा-यमुना के दर्शन करते हुए दिल्ली तक पहुंचने के दौरान सरल भाषा में जानकारी दी। शिवराज ये अनाउंसमेंट सुनकर राजीव के मुरीद हो गए। अब पढ़िए शिवराज ने पटना से दिल्ली की यात्रा को लेकर क्या लिखा- शिवराज सिंह चौहान ने विमान में राजीव प्रताप रूडी के साथ फोटो शेयर करते हुए लिखा- राजीव जी, आज आपने दिल जीत लिया। आज पटना से दिल्ली की हवाई यात्रा मेरे लिए अविस्मरणीय रही, क्योंकि इस फ्लाइट के सह-कैप्टन थे मेरे प्रिय मित्र, वरिष्ठ राजनेता और छपरा सांसद राजीव प्रताप रूडी । आज आपने यात्रियों को जिस रोचक अंदाज में सरल भाषा के साथ यात्रा से जुड़ी जानकारी साझा की, उसने पूरी यात्रा के दौरान हम सबको यात्रा से जोड़े रखा। कैसे आपने शुरुआत की, आज पटना के चारों ओर बादलों ने डेरा जमाए रखा है, कल से लगातार बारिश हो रही है। बादलों के बीच और हल्की बारिश के साथ हम दिल्ली की यात्रा की शुरुआत करने जा रहे हैं। रास्ते में हम बनारस के ऊपर से गुजरेंगे। फिर बाईं ओर प्रयागराज और दाईं ओर लखनऊ दिखाई देंगे। गंगा जी और यमुना जी के दर्शन करते हुए हम दिल्ली का सफर पूरा करेंगे और उतरते समय बादल न रहे तो नोएडा की हाई राइज बिल्डिंग्स की रोशनी भी देखने मिलेगी। आप यात्रा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी बता रहे थे, आपका यह अंदाज बहुत निराला लगा। अंत में जब आपने सुखद और सफल यात्रा के लिए यात्रियों से ताली बजाने का अनुरोध किया, उसमें अलग ही आत्मीयता देखने मिली। सचमुच, यह अनुभव अद्भुत और अभूतपूर्व रहा। ऐसे लोग विरले ही होते हैं, जो इतनी व्यस्तताओं के बीच भी अपने हुनर के लिए समय निकालते हैं। जमीन से जुड़े रहना इसी को कहते हैं। यादगार यात्रा के लिए आपका आभार। राजीव को हाथ से चिट्ठी लिखकर दी
यात्रा पूरी होने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने अपने हाथ से एक चिट्ठी लिखकर दी। इस चिट्ठी में शिवराज ने पटना से दिल्ली तक की यात्रा के अनुभव को शब्दों में बयां किया।


