भास्कर न्यूज| लुधियाना पंजाब के फूड कमिश्नर बल मुकंद शर्मा ने राज्य सहकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू) का दौरा कर अत्याधुनिक एग्रो प्रोसेसिंग कॉम्प्लेक्स और एग्री-बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। उनके साथ पटियाला डिवीजन के जॉइंट रजिस्ट्रार कुलदीप कुमार, लुधियाना के डिप्टी रजिस्ट्रार विजेंदर संधू, चार असिस्टेंट रजिस्ट्रार, इंस्पेक्टर और सहकारी समितियों के सचिवों समेत कुल 16 अधिकारी शामिल थे। यूनिवर्सिटी के एडिशनल डायरेक्टर ऑफ रिसर्च (एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग) डॉ. महेश कुमार ने जानकारी दी कि कुलपति डॉ. सतबीर सिंह गोसल के नेतृत्व में यह कॉम्प्लेक्स किसानों, उद्यमियों और नीति निर्माताओं को खेत स्तर पर मूल्यवर्धन के प्रशिक्षण के लिए विकसित किया गया है। प्रोसेसिंग एंड फूड इंजीनियरिंग विभाग प्रमुख डॉ. टीसी मित्तल और प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. एमएस आलम ने बताया कि इस केंद्र में दाल मिलिंग यूनिट, कलर सॉर्टिंग मशीन, वैक्यूम और नाइट्रोजन पैकिंग यूनिट, आटा चक्की, मिनी राइस मिल, हाइड्रोलिक कोल्ड प्रेस, बाजरा प्रोसेसिंग यूनिट, गुड़ यूनिट, सोया प्रोसेसिंग यूनिट और फीड मिलिंग यूनिट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। अधिकारियों ने इन सभी इकाइयों का दौरा कर तकनीकी समझ विकसित की और किसानों को इससे होने वाले लाभों पर संतोष जताया। इसके बाद टीम ने फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग के एग्री-बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर का निरीक्षण किया। विभाग प्रमुख डॉ. सविता शर्मा, डॉ. अर्शदीप रंधावा और डॉ. नंदा ने महिला किसानों के लिए कच्चे कृषि उत्पादों में मूल्यवर्धन की तकनीकों का प्रदर्शन किया। कुलदीप कुमार ने कहा कि टीम में कई युवा अधिकारी शामिल हैं, जो किसानों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध हैं। सहकारी समितियां किसानों को वित्तीय सहायता, बीज, खाद वितरण और कृषि मशीनरी किराए पर देने जैसी सेवाएं प्रदान कर रही हैं। डिप्टी रजिस्ट्रार विजेंदर संधू ने धन्यवाद ज्ञापित किया। टीम को पीएयू द्वारा तैयार एग्रो प्रोसेसिंग से जुड़ा साहित्य भी वितरित किया गया। दौरे से प्रभावित अधिकारियों ने अपनी समितियों में इसी तरह की प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित करने की इच्छा जताई, जिससे किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को लाभ मिलेगा।


