भास्कर न्यूज| सरायकेला सरायकेला-खरसावां जिले में 22 जुलाई से स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत पंचायत में स्वच्छता का मूल्यांकन कार्य प्रारंभ होगा। स्वच्छता का मूल्यांकन फीडबैक के माध्यम से किया जाएगा। इसे बेहतर बनाने के लिए समाहरणालय स्थित सभागार में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण हुई। बैठक में कार्यपालक अभियन्ता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमण्डल, सरायकेला-खरसावां, जिला समन्वयक , स्वच्छ भारत अभियान ग्रामीण के पदाधिकारी, सभी प्रखंड समन्वयक, पंचायत सचिव, स्वच्छ भारत मिशन के जिला एवं प्रखंड स्तरीय प्रतिनिधि समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में उप विकास आयुक्त ने कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2025 केंद्र सरकार द्वारा संचालित एक महत्त्वाकांक्षी अभियान है, जिसके माध्यम से 22 जुलाई से ग्राम पंचायतों की स्वच्छता स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा। इसको लेकर सभी संबंधित विभागीय कर्मियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा की अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए सिटीजन फीडबैक तथा ऐप्प के माध्यम से फीडबैक में कार्य योजना निर्धारित कर प्रगति लाए। इस कार्य में सभी सेविका, सहिया जेएसएलपीएस बीपीएम, एसएचजी की महिलाएं एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सहभागिता सुनिश्चित करें। बैठक में ओडीएफ प्लस पंचायतों की संख्या में बढ़ोतरी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। डीडीसी ने कहा कि इसके लिए सभी पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों की कार्यशीलता, दैनिक सफाई, और अपशिष्ट प्रबंधन की स्थिति का सत्यापन किया जाए। ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत संकलन, पृथक्करण, कंपोस्टिंग, एवं गड्ढा निर्माण कार्यों को तेजी से पूर्ण करने के संबंध में निर्देश दिया गया । आईईसी गतिविधियों जैसे नुक्कड़ नाटक, रैली, पेंटिंग, दीवार लेखन, पोस्टर प्रदर्शनी आदि के माध्यम से जन-जागरूकता को प्राथमिकता देने के लिए जोर दिया गया। सर्वेक्षण के सभी मापदंडों जैसे- लोगों की भागीदारी, सामुदायिक सहयोग, डिजिटल टैगिंग, जियो टैगिंग, सोशल मीडिया रिपोर्टिंग आदि पर गंभीरतापूर्वक कार्य किया जाए। ग्राम पंचायत स्तर पर दस्तावेजों की अद्यतन स्थिति, डेटा अपलोडिंग, निगरानी रिपोर्ट एवं फोटो साक्ष्यों की समयबद्ध फीडिंग सुनिश्चित करने के संबंध में निर्देश जारी किया गया है। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं पंचायत सचिवों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र की नियमित निगरानी करें एवं प्रगति प्रतिवेदन प्रतिदिन उपलब्ध कराएं। उप विकास आयुक्त ने अधिकारियों को चेताया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी पंचायतों को मूल्यांकन के लिए तैयार करना एक प्राथमिकता है, जिससे जिले को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट स्थान दिलाया जा सके। बैठक के अंत में उप विकास आयुक्त ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन आंदोलन है। इसमें सभी की भागीदारी आवश्यक है।


