राजस्थान में 11 फरवरी को बजट पेश हो सकता है। ये भजनलाल सरकार के कार्यकाल का तीसरा बजट (2026-27) होगा। सरकार बजट में सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाकर 91 लाख 41 हजार पेंशनर्स को राहत प्रदान कर सकती है। लाडो प्रोत्साहन योजना में सहायता राशि एक लाख से बढ़कर 2 लाख रुपए हो सकती है। गर्भवती महिलाओं के लिए चल रही पीएम मातृ वंदना योजना की वित्तीय सहायता 6500 से बढ़ाकर 8 हजार हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, चुनावी संकल्प पत्र की बची हुई घोषणाओं को बजट में उतारा जा सकता है। खासतौर से सरकारी कर्मचारियों के लिए पारदर्शी ट्रांसफर पॉलिसी लाई जा सकती है। प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय दोगुनी से संबंधित किसी योजना की घोषणा होने की संभावना है। चुनाव से पहले राजस्थान भाजपा के संकल्प पत्र में करीब 120 वादे किए गए थे। बजट में क्या-क्या खास हो सकता है? इसे लेकर हमने सरकार से जुड़े सूत्रों, बजट तैयार करने वाले अफसरों से बात की। पढ़िए रिपोर्ट… सबसे पहले जानते हैं सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं
प्रदेश में सीनियर सिटिजन महिला, विधवा/परित्यक्ता, निशक्तजन जैसी 7 श्रेणियों में महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जाती है। पेंशन पाने वालों की कुल संख्या प्रदेश में 91 लाख (महिला-पुरुष दोनों) के करीब है। बजट में पेंशन बढ़ाने का प्रावधान किया जा सकता है। पिछले बजट (2025-2026) में वृद्धावस्था, विधवा, एकल नारी, दिव्यांग और लघु एवं सीमांत किसानों की पेंशन में बढ़ोतरी की गई थी। पहले 1150 रुपए मिलते थे। इसे बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया था। यह नई दर एक अप्रैल 2025 से लागू हुई थी। 1. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना अभी बीपीएल परिवारों के 60 वर्ष व अधिक आयु के लाभार्थियों को 1250 रुपए प्रतिमाह पेंशन मिलती है। इस योजना के कुल पेंशनर्स की संख्या 8 लाख 43 हजार 905 है। बजट से उम्मीद :1500 रुपए प्रतिमाह पेंशन हो सकती है। 2. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना बीपीएल परिवारों की 40 वर्ष व अधिक आयु की विधवा महिलाएं इस पेंशन की पात्र हैं। योजना के तहत 1250 रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जाती है। इसमें पेंशनर्स की कुल संख्या 4 लाख 18 हजार 885 है। बजट से उम्मीद : 1500 रुपए प्रतिमाह हो सकती है। 3. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निशक्त पेंशन योजना बीपीएल परिवारों के अंधता, कुष्ठ रोग मुक्त, चलन निशक्तता, मानसिक रूग्णता, कम दृष्टि, बौनेपन से ग्रसित, श्रवण शक्ति की कमी और कम दृष्टि वाले इस योजना के दायरे में आते हैं। योजना के तहत कुल पेंशनर्स की संख्या 13 हजार 631 है। अभी सभी आयु के पेंशनर्स को 1250 रुपए प्रतिमाह पेंशन मिलती है। कुष्ठ रोग मुक्त विशेष योग्यजन को 2500 रुपए प्रतिमाह पेंशन देय है। बजट से उम्मीद : पेंशन 1250 से बढ़ाकर 1500 रुपए प्रतिमाह हो सकती है। 2500 रुपए की जगह 3000 हजार रुपए पेंशन मिल सकती है। 4. मुख्यमंत्री वृद्धजन सम्मान पेंशन योजना सभी वर्ग की 55 या इससे अधिक आयु की महिला तथा 58 वर्ष की आयु से अधिक उम्र के पुरुष को प्रतिमाह 1250 रुपए पेंशन मिलती है। इस योजना के तहत 51 लाख 48 हजार 563 पेंशनर्स को लाभ मिलता है। बजट से उम्मीद : बढ़ाकर 1500 रुपए प्रतिमाह पेंशन हो सकती है। 5. मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना 18 वर्ष या अधिक आयु की विधवा/ परित्यक्ता/ तलाकशुदा जो राजस्थान की निवासी है, उसे प्रतिमाह 1250 रुपए पेंशन मिलती है। योजना में अभी 19 लाख 19 हजार 218 को लाभ मिल रहा है। बजट से उम्मीद : पेंशन बढ़कर 1800 रुपए प्रतिमाह हो सकती है। 6. मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन सम्मान पेंशन योजना सभी आयुवर्ग के विशेष योग्यजन, जिनकी विकलांगता 40% से ऊपर है, प्रतिमाह 1250 रुपए पेंशन देय है। किसी भी आयु के कुष्ठ रोग मुक्त विशेष योग्यजन पेंशनर को 2500 रुपए प्रतिमाह पेंशन देय है। योजना में कुल पेंशनर्स 5 लाख 99 हजार 193 हैं। बजट से उम्मीद : पेंशन बढ़कर 1800 रुपए हो सकती है। विशेष योग्यजन के लिए 2500 की जगह 3 हजार रुपए हो सकती है। 7. राजस्थान सामाजिक लघु एवं सीमांत वृद्धजन कृषक सम्मान पेंशन योजना सभी आयु वर्ग के लाभार्थियों को 1250 रुपए प्रतिमाह पेंशन देय। इस योजना में 19 लाख 7 हजार 633 पेंशनर्स हैं। बजट से उम्मीद : बढ़ाकर 1800 रुपए प्रतिमाह हो सकती है। महिलाओं से जुड़ी 2 बड़ी योजनाओं में घोषणा संभव 1. लाडो प्रोत्साहन योजना : अभी बेटी की जन्म से लेकर 21 साल की उम्र तक 7 किस्तों में 1.5 लाख रुपए मिलते हैं। बजट से उम्मीद : लाडो प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत बालिका के जन्म पर 2 लाख के सेविंग बॉन्ड की घोषणा संभव। 2. पीएम मातृ वंदना योजना- गर्भवती महिलाओं को राज्य सरकार द्वारा 6,500 की राशि किस्तों में दी जाती है। बजट से उम्मीद : गर्भवती वित्तीय सहायता 8 हजार की घोषणा हो सकती है। बजट में भाजपा संकल्प पत्र में बचे वादों पर फोकस करेगी संकल्प पत्र के इन प्रमुख वादों को सरकार ने किया पूरा कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत बोले- घोषणाएं पूरी करने के लिए ही करते हैं
पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा- मुख्यमंत्री का कहना है कि घोषणाएं हम पूरी करने के लिए ही करते हैं। हम हर घोषणा को पूरा करेंगे। अपने विभाग की घोषणाओं पर उन्होंने कहा- 2024-2025 की 90 प्रतिशत घोषणाएं हमने पूर कर दी हैं। 2025-2026 में जो घोषणाएं हुई हैं, उसमें से हमने 65 प्रतिशत घोषणाएं पूरी कर दी हैं। उनका कहना है कि गोपालन विभाग में जो बजट घोषणाएं हुई थीं, हमने 100 प्रतिशत पूरी कर दी है। पूर्व सूचना आयुक्त नारायण बारेठ का कहना है किसी भी दल की सरकार रही हो, बजट में सामाजिक सरोकार से जुड़ी योजनाएं पर फोकस रहता आया है। पिछले बजट में भी सरकार ने बुजुर्गों और महिलाओं के लिए कई घोषणाएं की थीं। इस बार के बजट में सरकारें पेंशनधारियों और महिलाओं के लिए घोषणाएं कर सकती हैं।


