छतरपुर में एक 75 वर्षीय बुजुर्ग छोटा अहिरवार के हाथों की उंगलियां न होने और आंखों की समस्या के कारण आधार ई-केवायसी नहीं हो पा रही थी। इस वजह से उनकी वृद्धा पेंशन सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ रुका हुआ था। मंगलवार को जनसुनवाई में अपनी समस्या बताने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर डिप्टी कलेक्टर उन्हें आधार सेंटर ले गईं और ई-केवायसी पूरी कराई, जिससे अब उनकी रुकी हुई पेंशन मिल सकेगी। महाराजपुर तहसील के ग्राम डिगपुरा निवासी छोटा अहिरवार मंगलवार को जिला स्तरीय जनसुनवाई में पहुंचे थे। उनकी पेंशन आधार में ई-केवायसी और मोबाइल नंबर लिंक न होने के कारण रुक गई थी। बुजुर्ग की हाथों की उंगलियां नहीं थीं और आंखों के ऑपरेशन के कारण आई स्कैनिंग में भी दिक्कत आ रही थी। कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए निर्देश दिए। जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने डिप्टी कलेक्टर आयशा अंसारी के साथ बुजुर्ग को शासकीय वाहन से तहसील स्थित आधार सेंटर भेजा। आधार सेंटर पर शुरुआत में फिंगरप्रिंट और मोबाइल नंबर लिंक करने में समस्या आई। आई मैचिंग के कई प्रयास असफल रहे। इसके बाद आंखों में आई ड्रॉप डालकर दोबारा आई मैचिंग कराई गई, जो सफल रही। बायोमेट्रिक और मोबाइल अपडेशन की प्रक्रिया पूरी की गई। प्रशासन ने इसे एक विशेष मामला मानते हुए आधार कार्ड अथॉरिटी को ईमेल भी भेजा। ई-केवायसी पूरी होने के बाद अब बुजुर्ग छोटा अहिरवार को उनकी रुकी हुई पेंशन मिल सकेगी। आवेदक और उनकी पत्नी ने इस त्वरित निराकरण के लिए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। मंगलवार को हुई जनसुनवाई में कुल 113 आवेदन प्राप्त हुए। संबंधित अधिकारियों को उनके निराकरण के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया और एडीएम मिलिंद नागदेवे सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।


