कोरिया जिले में 80 वर्षीय बुजुर्ग को भूमि संबंधी परेशानी थी जिस पर कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने तुरंत संज्ञान लिया। ग्राम जूनापारा के रामचरण रजवार ने कलेक्टर के समक्ष अपनी समस्या रखी जिसका तुरंत समाधान किया गया। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बैकुंठपुर तहसीलदार डॉ. अमृता सिंह को तुरंत निर्देश दिए। उन्होंने पटवारी और आरआई को भी सक्रिय किया। कलेक्टर के निर्देश का असर यह हुआ कि उसी रात करीब 9 बजे पटवारी ज्योति नेताम रामचरण के घर पहुंचीं। उन्होंने बुजुर्ग को राजस्व दस्तावेज बी वन पत्र सौंपा। वहीं, जिले की सोनहत जनपद पंचायत के दूरस्थ ग्राम पंचायत दसेर में एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया है। यहां समग्र शिक्षा अभियान के तहत स्वीकृत अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कार्य पिछले एक माह से रुका हुआ है। जिसे कलेक्टर ने तुरंत बनवाने के निर्देश दिए है। रामचरण ने बताया कि उनके बड़े भाई रामबक्स के नाम पर जूनापारा में 0.7400 हेक्टेयर कृषि भूमि दर्ज है। भाई के निधन के बाद इस भूमि में उनका भी हिस्सा है। भाई की पत्नी और पुत्रवधू भी उनके नाम को सहखातेदार के रूप में जोड़ने पर सहमत हैं। कलेक्टर त्रिपाठी ने कहा कि हर नागरिक की बात सुनना और समय पर समाधान करना उनकी जिम्मेदारी है। यह घटना दर्शाती है कि सच्चा सुशासन केवल अभियानों से नहीं, बल्कि अधिकारियों की संवेदनशीलता से आता है। निर्माण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं – कलेक्टर कलेक्टर चन्दन त्रिपाठी ने स्वीकृत अतिरिक्त कक्ष मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग और निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को तत्काल कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने समय की महत्ता को समझाते हुए कहा कि अगले डेढ़ माह में मानसून की शुरुआत होने वाली है। बारिश के मौसम में न केवल निर्माण कार्य बाधित होगा, बल्कि मजदूरों और कारीगरों की उपलब्धता भी एक बड़ी समस्या बन सकती है। त्रिपाठी ने अधिकारियों को निर्माण कार्य की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं का विकास सरकार की प्राथमिकता है। इसलिए निर्माण की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


