गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में गर्मी के मौसम में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। छत्तीसगढ़ पेयजल परीक्षण अधिनियम 1986 के तहत पूरे जिले को 8 अप्रैल 2025 से अगले आदेश तक जल अभाव क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। इस दौरान पीने के पानी को छोड़कर अन्य कार्यों के लिए नए नलकूप खनन पर रोक रहेगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पूरे जिले में और नगरपालिका परिषदों व नगर पंचायतों को अपने क्षेत्र में केवल पेयजल के लिए नलकूप खनन की छूट होगी। हालांकि, उन्हें खनन किए गए नलकूपों की जानकारी प्राधिकृत अधिकारी को देनी होगी। दो सदस्यीय समिति देगी अनुमति नलकूप खनन की अनुमति के लिए अतिरिक्त कलेक्टर की अध्यक्षता में दो सदस्यीय समिति बनाई गई है। पेंड्रारोड क्षेत्र के लिए वहां के एसडीएम और मरवाही क्षेत्र के लिए मरवाही के एसडीएम को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। नलकूप खनन की अनुमति के लिए दो रुपए शुल्क जमाकर संबंधित एसडीएम कार्यालय से आवेदन पत्र लिया जा सकता है। प्राधिकृत अधिकारी 10 दिन के भीतर जांच कर अनुमति दे सकेंगे। बिना अनुमति नलकूप खनन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


