बुजुर्ग महिला परिवार से बिछड़ी, पुलिस ने फिर मिलवाया:जौधपुर से बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंची थी

भगवान महाकाल के दर्शन को आए जौधपुर के एक परिवार की वृद्ध महिला अपने परिवार से बिछड़ कर भटक गई थी। लोगों की सूचना के बाद पुलिस ने महिला को थाने पर लाकर सोशल मीडिया पर जानकारी जारी की थी। कुछ ही देर में वृद्ध महिला का परिवार महाकाल थाने पहुंचा और महिला को साथ लिया। परिवार के सदस्यों ने पुलिस के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया है। श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए जौधपुर, राजस्थान के चौपासनी कॉलोनी निवासी एक परिवार के साथ 70 वर्षीय सरस्वती देवी वृद्ध महिला भी साथ आई थी। श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के बाद भीड़ के साथ सरस्वती देवी पति स्व. प्रेम जी मंदिर से बाहर निकल आई। परिवार के सदस्यों से बिछड़कर वृद्ध महिला बेगमपुरा की ओर पहुंच गई थी। वृद्ध महिला करीब एक घंटे तक यहां-वहां भटकती रही। इसी दौरान महिला को भटकते देख होटल मैनेजर रितेश सोनगरा ने वृद्ध महिला को महाकाल थाना पहुंचाया। महाकाल थाने में पदस्थ एएसआई चंद्रभान सिंह ने वृद्ध महिला को दिलासा देकर परिवार के साथ के लोगों के मोबाइल नंबर पूछे, तो महिला को किसी का नंबर नहीं पता था। महिला बहुत घबराई हुई थी। महिला रोते हुए परिवार से मिलाने की कहती रही। थाने पर वृद्ध महिला सरस्वती को बैठाकर पानी पिलाया गया और परिवार के सदस्यों से मिलाने की दिलासा दी गई। पुलिस ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की पुलिस द्वारा गुम हुई महिला की जानकारी सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई। इसी बीच महिला को ढूंढ रहे परिवार के सदस्य महाकाल थाने पहुंचे तो महिला यहां सकुशल मिल गई। वृद्ध महिला के भाई बैंक कर्मी सज्जन कुमार धारीवाल ने महाकाल थाना पहुंचकर उनकी बहन सरस्वती देवी की पूरी जानकारी दी। महाकाल थाना पुलिस द्वारा वृद्ध महिला को परिवार से मिलाने के लिए किए गए सहयोग पर अभिभूत परिवार के सदस्यों ने पुलिस को धन्यवाद दिया है। हालांकि परिवार के सदस्य भी वृद्ध महिला के गुम होने के बाद आस-पास ढूंढते रहे। किसी ने भी पुलिस से संपर्क नहीं किया था। पुलिस ने पहले ही एडवाइजरी जारी की हुई है देशभर से श्रद्धालु श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शनार्थी पहुंचते हैं। पुलिस विभाग के माध्यम से महाकाल मंदिर के आस-पास के सभी होटल, धर्मशाला, गेस्ट हाउस संचालकों को हिदायत दी गई है। वहीं श्रद्धालुओं के लिए एडवाइजरी भी जारी की गई है जिसमें बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को उनके छोटे बच्चों और वृद्ध महिला, पुरुष श्रद्धालुओं के साथ अपने मोबाइल नंबर, जहां ठहरे हैं वहां का पता और परिवार व रहने के स्थान की पूरी जानकारी लिखकर रखने को कहा जाता है। जिससे परिवार से बिछड़ने पर संबंधित व्यक्ति या बच्चे को तुरंत परिवार तक पहुंचाया जा सके। अधिक भीड़ होने के कारण अक्सर छोटे बच्चे और वृद्ध लोग गुम हो जाते हैं।

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