बुनियादी सुविधाओं से दूर पाकुड़ का तेतुलकुड़िया गांव:पहाड़िया समुदाय के हैं 15 परिवार, झरने का पानी पी रहे, नहीं मिलता राशन

पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा प्रखंड की कुंजबोना पंचायत का तेतुलकुड़िया गांव आज भी सरकारी योजनाओं से कोसों दूर है। प्रखंड मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर पहाड़ों के बीच बसे इस गांव तक पहुंचना आज भी बेहद मुश्किल है। आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय के 15 परिवारों की करीब 110 की आबादी रोज इसी चुनौती से जूझ रही है। गांव से मुख्य सड़क तक सात किलोमीटर लंबा कच्चा रास्ता है, जिसमें पथरीली पगडंडियों पर चलना जोखिम भरा होता है। सड़क नहीं होने की वजह से तेतुलकुड़िया ही नहीं, बल्कि छोटा पकटोटी, बड़ा पकटोटी, छोटा मालीपाड़ा, बड़ा मालीपाड़ा, छतनी और साधोतरी जैसे गांव भी विकास की मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। पानी, स्वास्थ्य और पोषण के लिए तरसते ग्रामीण गांव में आज तक एक भी चापाकल नहीं लगाया गया। लोग झरने का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा पानी पीने से कभी भी गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं। सड़क नहीं होने से स्वास्थ्यकर्मी भी गांव तक नहीं पहुंच पाते। टीकाकरण अभियान यहां वर्षों से ठप है। नवजात बच्चों की माताएं बताती हैं कि पोलियो की बूंद पिलाने कोई नहीं आता। आंगनबाड़ी केंद्र भी नियमित नहीं चलता और पोषाहार वितरण महीनों से बंद पड़ा है। गांव की महिलाएं और बुजुर्ग बताते हैं कि बच्चे बीमार पड़ते हैं तो उन्हें हाथों में उठाकर या पीठ पर बांधकर कई किलोमीटर दूर सड़क तक ले जाना पड़ता है। कई बार समय पर इलाज न मिलने से हालत गंभीर हो जाती है। देवा पहाड़िया, दानू पहाड़िया, बामड़ी पहाड़िन, सुरजा पहाड़िया और माड़ी पहाड़िया दुख जताते हैं कि झारखंड राज्य गठन के 25 साल बाद भी उनकी जिंदगी में कोई बदलाव नहीं आया है। आवास अधूरे, रोजगार नहीं, चावल भी नहीं पहुंचता गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के कई घर वर्षों से अधूरे पड़े हैं। डाकिया योजना का चावल भी सड़क नहीं होने से यहां तक नहीं पहुंचता। ग्रामीण बताते हैं कि तीन से पांच किलोमीटर दूर मुख्य सड़क से उन्हें माथे पर बोझ ढोकर चावल लाना पड़ता है। गांव में रोजगार के अवसर न होने से युवा पलायन को मजबूर हैं। इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी संजय कुमार का कहना है कि प्रशासन को गांव की समस्याओं की जानकारी है। पहाड़ पर बसे होने के कारण कुछ दिक्कतें आती हैं, लेकिन जल्द ही समाधान की कोशिश तेज की जाएगी।

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