बुरहानपुर में शनिवार को रोकड़िया हनुमान मंदिर में वार्षिक पौष पूर्णिमा मेला आयोजित किया गया। हजारों श्रद्धालु हनुमानजी के दर्शन के लिए पहुंचे और आशीर्वाद लिया। मंदिर समिति और नगर निगम ने दो दिन पहले ही मेले की तैयारियां पूरी कर ली थीं। ट्रस्ट अध्यक्ष ने बताया कि मध्य प्रदेश में बुरहानपुर का यह मंदिर एकमात्र ऐसा स्थान है, जहां पौष पूर्णिमा पर मेला लगता है। इस दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक पूरी तरह प्रतिबंधित रखा गया। शनिवार सुबह से ही भक्तों का दर्शन और पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने प्रसाद चढ़ाया और हनुमानजी की प्रतिमा के सामने पूजा-अर्चना की। बाबा की 500 साल पुरानी प्रतिमा रोकड़िया हनुमान मंदिर में बाबा की प्रतिमा 500 साल से अधिक पुरानी मानी जाती है। श्रद्धालुओं का मानना है कि प्रतिमा की ऊंचाई हर साल बढ़ती है। वर्ष 1962 में यह प्रतिमा लगभग ढाई फीट की थी। 53 साल पहले दरवाजों की ऊंचाई बढ़ाई गई यह प्राचीन मंदिर शहर से चार किलोमीटर दूर, उतावली नदी पार उखड़गांव में स्थित है। मंदिर में बाबा की स्वयंभू प्रतिमा है। करीब 53 साल पहले मंदिर के दरवाजे की ऊंचाई ढाई फीट थी, जिससे भक्तों को झुककर प्रवेश करना पड़ता था। कुछ साल पहले मंदिर का भव्य पुनर्निर्माण हुआ और सात हजार वर्ग फीट में फैले परिसर को विकसित किया गया।


