बुरहानपुर जिला अस्पताल में क्रिटिकल केयर ब्लॉक यूनिट शुरू होने से पहले ही सामग्री खरीदी में अनियमितता का मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 4 जनवरी को इसका इसका लोकार्पण करने वाले हैं। इस संबंध में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. प्रदीप कुमार मोजेस ने कलेक्टर को एक रिपोर्ट भेजी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए 26 लाख 24 हजार 568 रुपए की सामग्री खरीदी का आवंटन सीएमएचओ बुरहानपुर को दिया गया था। सिविल सर्जन डॉ. प्रदीप कुमार मोजेस द्वारा गठित जांच समिति ने पाया कि खरीदी गई सामग्री निम्न गुणवत्ता की है। खरीद में शासन के निर्देशों और भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं किया गया। सिविल सर्जन ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि खरीदी में बड़े पैमाने पर धांधली की गई है। आरोप है कि जो सामग्री 10 लाख रुपए से अधिक की नहीं थी, उसे 26 लाख रुपए में खरीदा गया। जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. भूपेंद्र गौर, मेडिकल ऑफिसर ब्लड बैंक डॉ. आर्यन गढ़वाल, सहायक अस्पताल अधीक्षक धीरज चौहान और स्टोर कीपर महेश जड़तकर ने भी इन अनियमितताओं की पुष्टि की है।
सिविल सर्जन बोले- 26 लाख का बजट मिला था, क्वालिटी घटिया
जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. प्रदीप कुमार मोजेस ने कहा। सामग्री खरदी के लिए 26 लाख बजट मिला था। सामग्री देखकर टीम ने जो एनालिसिस किया वह छह से सात लाख रूपए से ज्यादा का नहीं लग रहा। एक हजार की टॉर्च 900 से 950 में खरीदी गई है। बाजार में वह 20 रूपए में मिलती है। टेंडर प्रोसेस नहीं की, डायरेक्ट परचेसिंग कर ली। ऐसी बहुत सारी चीजें हैं जिसके रेट कम है। वित्तीय अनियमितता कर सामान परचेस कर भेजा गया है। हमारी ओर से डॉक्टरों, स्टोर कीपर की टीम गठित थी जिसने क्वालिटी घटिया पाई। सीएमएचओ स्टोर से सीएमएचओ द्वारा यह सामग्री खरीदी गई्र। मंगलवार को विजिट पर आए सांसद, कलेक्टर को भी स्थिति से अवगत कराया है।
सांसद ने उच्चस्तरीय जांच के लिए कहा
इसे लेकर सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने कहा- सामग्री खरीदी गई है उसका निरीक्षण किया है। जिसने भी इसमें अनियमिता की कलेक्टर को इससे अवगत कराया है। उच्चस्तरीय जांच के लिए कहा है। जो भी दोषी होगा उनसे इसकी वसूली की जाएगी। वहीं सीएमएचओ डॉ. आरके वर्मा को कईं बार कॉल किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। खरीदी में यह गड़बड़ी करने के आरोप


